किसान नेता नरेश मीणा की बारां से जयपुर तक की नंगे पैर पदयात्रा का रविवार को दूसरा दिन है। डीएपी-यूरिया खाद संकट पर यह यात्रा सुबह मांगरोल-सीसवाली चौराहे से शुरू हुई। नरेश मीणा ने रात सैकड़ों समर्थकों के साथ मांगरोल में बिताई थी। रविवार की पदयात्रा बोरदा, शाहपुरा, सीसवाली, पटपड़ा, डिपरी, बिनायका, मुंगेना, गणेशगंज होते हुए कोटा जिले के इटावा पहुंचेगी। रास्ते में किसान उनका स्वागत कर रहे हैं। हाड़ौती में रबी सीजन की बुवाई के चलते डीएपी-यूरिया की कमी है। इसी मांग पर नरेश मीणा ने पहले बारां कलेक्ट्रेट पर अनशन किया। सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय तक पैदल जाने का ऐलान किया। टोंक कलेक्टर टीना डाबी ने की फोन पर बात इधर, नरेश मीणा द्वारा पूर्व में टोंक जिले के उनियारा में खाद की किल्लत को लेकर धरने के ऐलान के बाद टोंक जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जानकारी के अनुसार टोंक कलेक्टर डॉ. टीना डाबी ने नरेश मीणा से फोन पर बात की है। कलेक्टर ने आश्वस्त किया है कि टोंक जिले में किसानों को खाद की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई होगी। इससे पहले नरेश मीणा ने 2 अक्टूबर को उनियारा एसडीएम कार्यालय के सामने धरना देने का ऐलान किया था।