पंचायती राज चुनाव 2026 के लिए राज्य निर्वाचन आयोग ने पर्चा (नामांकन) दाखिल करने की गाइडलाइन जारी कर दी है। इस बार चुनाव मैदान में उतरने वाले दावेदारों को बड़ी राहत देते हुए आयोग ने चरित्र प्रमाण पत्र की अनिवार्यता खत्म कर दी है। संतान संबंधी नियम को भी विलोपित कर दिया है। हालांकि, सरपंच, पंचायत समिति व जिला परिषद सदस्य के उम्मीदवारों को 50 रुपए के गैर न्यायिक स्टाम्प पेपर पर अपनी संपत्ति, देनदारियों और आपराधिक रिकॉर्ड का पूरा ब्यौरा देना होगा। आयोग ने चेतावनी दी है कि नामांकन पत्र में कोई भी कॉलम खाली छोड़ा तो पर्चा निरस्त हो सकता है। आरक्षित वर्ग एवं महिला प्रत्याशियों को जमानत राशि में 50% की रियायत दी गई है। प्रत्याशी के घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय अनिवार्य है। नामांकन पत्र में खामी या कॉलम खाली रहने पर रिटर्निंग अधिकारी द्वारा मेमो जारी किया जाएगा। 1. नामांकन पत्र (प्ररूप 4 / प्ररूप 4-क): रिटर्निंग अधिकारी या एसडीएम कार्यालय से प्राप्त निर्धारित फॉर्म ही मान्य होंगे। हस्तलिखित फॉर्म स्वीकार नहीं होंगे। 2. 50 का स्टाम्प पेपर पर शपथ पत्र (प्ररूप 4 घ / उपाबन्ध 1A/1B) : सरपंच, जिला परिषद व पंचायत समिति सदस्य के उम्मीदवारों को 50 के नॉन-न्यायिक स्टाम्प पेपर पर एफिडेविट देना होगा। इसे मजिस्ट्रेट, ओथ कमिश्नर या नोटरी पब्लिक से सत्यापित कराना अनिवार्य है। लंबित आपराधिक मामले, आपराधिक मामलों में हुई दोषसिद्धि व चल-अचल संपत्ति एवं देनदारियों की पूरी जानकारी देनी होगी। 3. स्वच्छ शौचालय का घोषणा पत्र : प्रत्याशी के घर में कार्यशील स्वच्छ शौचालय होना अनिवार्य है और खुले में शौच न जाने का घोषणा पत्र देना होगा। इसे अलग से सत्यापित कराने की जरूरत नहीं है। 4. नो-ड्यूज प्रमाण पत्र: यदि प्रत्याशी पर संबंधित पंचायती राज संस्था का कोई बकाया है और संस्था ने नोटिस दिया है, तो नामांकन से पहले बकाया जमा कराकर रसीद या नो-ड्यूज प्रमाण पत्र लगाना होगा। (यदि कोई बकाया नोटिस नहीं है, तो नो-ड्यूज की आवश्यकता नहीं है)। 5. जाति प्रमाण पत्र (आरक्षित वर्ग के लिए): SC, ST और OBC वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षित सीटों से चुनाव लड़ने या जमानत राशि में छूट के लिए सक्षम प्राधिकारी (कलेक्टर/एसडीएम /तहसी लदार) द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र लगेगा। 6.जमानत राशि : सरपंच, पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्य पद के लिए : - सामान्य वर्ग : 500/- 7.महिला, SC, ST एवं OBC वर्ग: 250/- (छूट के लिए जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा)। 8.कॉलम खाली न छोड़ें: संतान संबंधी कॉलम को छोड़कर फॉर्म का कोई भी कॉलम खाली नहीं रहना चाहिए। 9.मेमो और निरस्तीकरण: यदि कोई कॉलम खाली पाया जाता है, तो रिटर्निंग अधिकारी अभ्यर्थी को कमियों की पूर्ति के लिए मेमो (नोटिस) जारी करेंगे। यदि मेमो मिलने के बाद भी अभ्यर्थी निर्धारित समय में कमी पूरी नहीं करता या शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं करता, तो उसका नामांकन पत्र खारिज कर दिया जाएगा। दो बड़ी राहत : प्रत्याशी को पुलिस या प्रशासन से चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने की आवश्यकता नहीं है। पूर्व के नियमों में बदलाव करते हुए संतान संबंधी योग्यता के प्रावधान हटा दिए गए हैं। अब नामांकन में संतान संबंधी जानकारी जरूरी नहीं। फॉर्म की मूल प्रति ही लें: अधिकृत या स्पष्ट टाइप किए गए फॉर्म ही लें। नोटरी समय पर कराएं: 50 के स्टाम्प पेपर पर एफिडेविट अंतिम समय की हड़बड़ी से बचने के लिए पहले ही तैयार रखें। बकाया जांच लें: पंचायत या समिति का पुराना नोटिस या किराया/शुल्क बकाया हो, तो उसकी रसीद पहले ही कटा लें।