भास्कर न्यूज | राजसमंद गांधी जयंती पर शुक्रवार को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में होने वाली विशेष ग्राम सभाओं में पुलिस अधिकारी और बीट प्रभारी भी मौजूद रहेंगे। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को प्रत्येक ग्राम पंचायत में आयोजित विशेष ग्राम सभा में पुलिस की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य 1 जुलाई 2024 से लागू नए आपराधिक कानूनों के नागरिक केंद्रित प्रावधानों की ग्रामीणों को जानकारी देना है। ग्राम सभाओं में पुलिस अधिकारी नए कानूनों के तहत नागरिकों को मिले अधिकार, पारदर्शी प्रक्रियाओं और सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी देंगे। गृह मंत्रालय और पंचायती राज मंत्रालय के समन्वय से आयोजित इस अभियान में भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी। पुलिस अधिकारी ग्रामीणों को समयबद्ध जांच और त्वरित न्याय की व्यवस्था के बारे में बताएंगे। इसके साथ ई-एफआईआर की सुविधा, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य के उपयोग, गवाहों की सुरक्षा, पीड़ित प्रतिकर योजना तथा महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों को सरल भाषा में समझाया जाएगा। विशेष ग्राम सभाओं में पुलिस की मौजूदगी से ग्रामीणों को कानूनों की जानकारी सीधे अधिकारियों से लेने का अवसर मिलेगा। साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी संवाद किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के तहत अधिकारियों को ग्रामीणों के सवाल सुनने और नए कानूनों के संबंध में जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। 1 जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हुए हैं। इन कानूनों ने क्रमश: भारतीय दंड संहिता (IPC), दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 का स्थान लिया है। इनमें अपराध की जांच और न्यायिक प्रक्रिया में तकनीक के इस्तेमाल तथा समयबद्ध प्रक्रिया पर जोर दिया गया है।