राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद प्रधानाचार्य रेसा-पी जिला शाखा झालावाड़ का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन निजी होटल में हुआ। सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती और भगवान गणेश के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। जिलेभर से बड़ी संख्या में प्रधानाचार्यों ने भाग लिया और विद्यालय प्रबंधन, शैक्षिक गुणवत्ता व संगठनात्मक विषयों पर चर्चा की। पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. हरिशंकर शर्मा ने कहा कि प्रधानाचार्य शिक्षा विभाग की रीढ़ हैं। पूर्व सहायक निदेशक सुभाष सोनी ने प्रधानाचार्यों की विभिन्न समस्याओं और उनके समाधान पर विचार रखे। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक पवन पाटीदार ने हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। एडीईओ प्रारंभिक सीताराम मीणा ने एकजुट रहने का संदेश दिया, जबकि खानपुर एसीबीईओ सियाराम नागर ने शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ती चुनौतियों पर बात रखी। प्रधानाचार्य अरफीना खातून ने शिक्षकों की कमी के बावजूद बेहतर शिक्षण व्यवस्था संचालित करने के अनुभव साझा किए। इस मुद्दे पर प्रधानाचार्यों के बीच चर्चा हुई। जिलाध्यक्ष डॉ. हेमंत शर्मा ने प्रधानाचार्य पद की डीपीसी में तिथि अंकन करवाने तथा भविष्य में आठवें वेतन आयोग में प्रधानाचार्यों के पक्ष को मजबूती से रखने का मुद्दा उठाया। जिला कोषाध्यक्ष गिरिराज कश्यप ने ऑनलाइन सदस्यता से जुड़ने और उपाध्यक्ष रमेश चंद्र भील ने संगठन को मजबूत बनाने का आह्वान किया। संचालन प्रधानाचार्य राजेंद्र तिवारी ने किया। सम्मेलन में सादिक अली खान, शिवलाल यादव, फर्निश विजय, भावना देहरा, रविंद्र सिंह, चंद्रप्रकाश शर्मा, राजेश शर्मा, कृष्ण मुरारी, दुर्गाप्रसाद मीणा, अनीता मीणा, स्मृति मालवीय, रजनी वाला मेहता, भोजराज मीणा, हरिओम शर्मा, सौरभ परिहार, आशा सुयन, बेनजीर सहित बड़ी संख्या में प्रधानाचार्य मौजूद रहे।