राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य की जिला अदालतों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रशासनिक कमियों को दूर करने के लिए एक खास कदम उठाया है। इसे लेकर 1 अक्टूबर 2026 को नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की गई है। इसमें खास तौर पर बिल्डिंग को लेकर भी एसओपी जारी की गई है। इसके तहत किसी भी नए या मरम्मत किए गए कोर्ट भवन की शुरुआत गार्जियन जज की पूरी जांच और ठीक होने पर ही होगी। भवन में खराबी, आग या सुरक्षा खतरों के मामलों में 24 घंटे के भीतर गार्जियन जज और मुख्य न्यायाधीश को जानकारी देकर तुरंत कार्रवाई होगी। इसके अलावा इन 3 पाइंट पर भी करना होगा काम- --- ये खबर भी पढ़िए- 220 करोड़ के हाईकोर्ट भवन में घटिया निर्माण:5 आरोपी गिरफ्तार, साल 2024 में दर्ज हुआ था मामला जोधपुर हाईकोर्ट के डोम एरिया में एंट्री पर रोक:एसओजी डीजी को निर्देश- बिल्डिंग निर्माण में अधिकारी-व्यक्ति दोषी तो करें सख्त कार्रवाई हाईकोर्ट की बिल्डिंग निर्माण में गड़बड़ी पर कंस्ट्रक्शन-कंपनी मालिक गिरफ्तार:दो साल से फरार था 50 हजार का इनामी; हरिद्वार से पकड़कर लाई पुलिस जोधपुर हाईकोर्ट का डोम कभी भी ढह सकता है:IIT मुंबई की रिपोर्ट में दावा, कोर्ट ने सीएस-डीजीपी को पेश होने के निर्देश दिए