राजस्थान हाईकोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट के बहिष्कार के बीच कल से नियमित कामकाज शुरू करने का फैसला किया गया है। हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। हाईकोर्ट में अन्य अदालतों में नियमित सुनवाई और न्यायिक कामकाज शुरू करने को लेकर निर्णय लिया गया है। रविवार को राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन और राजस्थान हाईकोर्ट लॉयर्स एसोसिएशन, जोधपुर की ओर से संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में न्यायिक कार्य से दूर रहने के अपने पहले के फैसले को खत्म करने का निर्णय लिया गया। दोनों एसोसिएशन ने सर्वसम्मति से तय किया कि सोमवार, 7 सितंबर से एडवोकेट सभी अदालतों में नियमित रूप से उपस्थित होकर न्यायिक कार्य करेंगे। हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की अदालत से अधिवक्ता स्वेच्छा से दूर रहेंगे। यानी, उनकी कोर्ट का बहिष्कार जारी रहेगा। 31 अगस्त को लिए गए अपने पिछले निर्णय की समीक्षा की एसोसिएशन ने 31 अगस्त को लिए गए अपने पिछले निर्णय की समीक्षा की। उस समय दोनों एसोसिएशन ने 6 सितंबर तक व्यक्तिगत या वर्चुअल रूप से अदालतों में उपस्थित न होकर न्यायिक कार्य से दूर रहने का फैसला किया था। इस दौरान 3 और 5 सितंबर को धरनास्थल पर वरिष्ठ अधिवक्ताओं, महिला अधिवक्ताओं, बार काउंसिल सदस्यों और युवा अधिवक्ताओं ने भी अपनी बात रखी थी। बैठक में बताया गया कि 31 अगस्त को उठाई गई प्रमुख मांगों में से दो पर अब महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने राजस्थान हाईकोर्ट में स्थायी मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की सिफारिश कर दी है। साथ ही, हाईकोर्ट प्रशासन ने 2 सितंबर को टार्गेटेड फाइल सिस्टम/एक्शन प्लान फेज-6 से जुड़ा आदेश वापस ले लिया है। एक्टिंग सीजे की कोर्ट का स्वैच्छिक बहिष्कार जारी रखने का फैसला हालांकि, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के प्रशासनिक आचरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश द्वारा भारत के मुख्य न्यायाधीश को लिखे गए तीन पत्रों में उठाई गई आपत्तियों पर अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है। अधिवक्ताओं ने इसी मुद्दे पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की कोर्ट का स्वैच्छिक बहिष्कार जारी रखने का फैसला किया है। इस बैठक में दोनों एसोसिएशन के अध्यक्ष और महासचिव सहित कई पदाधिकारी मौजूद थे।