राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की महिला अधिकारी सीधी भर्ती परीक्षा-2018 समेत अन्य परीक्षाओं के परिणाम में फर्जीवाड़ा करने के मामले में एसओजी ने महिला और उसके सहयोगी को गिरफ्तार किया है। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। OMR में फर्जी तरीके से छेड़छाड़ कर बढ़ाए थे नंबर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में कमोद मीणा (32) निवासी महादेवपुरा, थाना चाकसू और मनराज मीणा (38) निवासी प्रतापपुरा, थाना निवाई, जिला टोंक है। दोनों ने राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड में OMR शीट की स्कैनिंग और परिणाम जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ी कंपनी राहव लिमिटेड के कर्मचारियों और अन्य लोगों ने मिलीभगत कर परीक्षा परिणाम में हेराफेरी की थी। आरोपी अभ्यर्थी कमोद मीणा की मूल OMR शीट में 35.85 अंक थे। स्कैनिंग कंपनी की मदद से OMR में फर्जी तरीके से छेड़छाड़ कर अंक बढ़ाकर 183.85 कर दिए गए, जिसके बाद वह चयन सूची में शामिल हो गई। पांच आरोपी पहले पकड़े जा चुके एसओजी जांच में सामने आया कि राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के प्रवीण गंगवाल ने अपने परिचित अभ्यर्थियों को चयनित करवाने के लिए कंपनी के कर्मचारियों विनोद कुमार गौड़ और शादान खान से मिलीभगत की थी। आरोप है कि अभ्यर्थी के परिणाम में हेराफेरी कर बदले में लाखों रुपए लिए गए थे। मामले में तत्कालीन एनालिस्ट कम प्रोग्रामर (उप निदेशक) संजय माथुर, प्रोग्रामर प्रवीण गंगवाल और अभ्यर्थी पूनम माथुर, संतोष कुमारी मीणा तथा मीराबाई मीणा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।