कांग्रेस नेता और भामाशाह स्व. रिखबदास जैन के 18 साल पुराने सम्मेद शिखरजी यात्रा संघ के सपने को उनके दो बेटों ने पूरा किया है। इनकी पहल और जैन समाज के लोगों के सहयोग से 1008 जैन समाज के लोगों को गुरुवार को स्पेशल ट्रेन से सफर करवाने लेकर जा रहे है। ट्रेन को फूल-मालाओं से सजाया गया। वहीं ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के लिए भी बोली बोली गई। 15 दिन में 7 राज्यों में 5500 किलोमीटर तक का सफर दरअसल, रिखबदास जैन कांग्रेस के नेता रहे है। इन्होंने 1985 में विधानसभा का चुनाव लड़ा लेकिन वो हार गए थे। जिला कांग्रेस कमेटी में कई पदों पर है। 2008 में रिखबदास जैन का स्वर्गवास हो गया था। ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन पर तीर्थ यात्रियों और उनके परिजनों की चहल-पहल रही। यात्रियों ने भगवान महावीर और जैन तीर्थंकरों का स्मरण करते हुए मंगल कामनाओं के साथ यात्रा की शुरुआत की। इस दौरान स्टेशन पर धार्मिक जयघोष भी सुनाई दिए। कई श्रद्धालु यात्रा को लेकर भावुक नजर आए तो कई लोगों में लंबे समय बाद तीर्थ दर्शन का अवसर मिलने की खुशी साफ दिखाई दी। रेल कर्मियों का साफा माला पहनकर सम्मान किया आयोजकों की ओर से ट्रेन के ड्राइवर समेत रेल कर्मियों का साफा माला पहनकर सम्मान किया गया। इसके बाद रेल को जैन समाज के मौजूद लोगों ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यात्रा के मुख्य लाभार्थी मांगीलाल एवं रतनलाल वडेरा ने बताया- उनके पिता रिखबदास वडेरा का सपना था कि वो अपने धार्मिक भाई-बहनों को सम्मेद शिखर की यात्रा करवाएं। ट्रेन दोपहर करीब 1 बजे बाड़मेर रेलवे स्टेशन से रवाना हुई। बेटे रतनलाल जैन ने बताया- साल 2008 में पिता रिखबदास जैन ने कहा था कि बाड़मेर से एक ट्रेन जैन भाइयों के लिए सम्मेद शिखरजी के लिए लेकर जाऊंगा और जैन समाज के लोगों को तीर्थ करवाऊंगा। उसके कुछ समय बाद उनका स्वर्गवास हो गया। तब उनके सपने को पूरा करने के लिए प्रयास कर रहे थे। बीते 8 माह से प्रयास करने के बाद आज यह सपना पूरा हो रहा है। देशभर में जितने भी फॉर्म जमा करवाया। उनके फॉर्म को चैक किया गया। इसके बार सलेक्ट करके 1008 यात्री को सम्मेद शिखर यात्रा पर लेकर जा रहे है। रतनलाल जैन ने बताया- पहले हस्तानपुर, वैष्णोदेवी, अयोध्या, बनारस होते सम्मेद शिखर की पंचतीर्थ यात्रा करेंगे। 5 साल से कम आयु के बच्चों को टिकट नहीं है। इससे ऊपर के सभी के लिए टिकट ली गई है। वृद्ध, तपस्वी, वृक्षीतप कर रहे उनको भी यात्रा पर लेकर जा रहे है। बेटे मालीवाल वडेरा ने बताया- यह संघ 15 दिन का है। यह बाड़मेर से शुरू होगा। हमें खुशी है कि मेरे पिताजी का सपना पूरा हो रहा है। 7 राज्यों में 5500 किलोमीटर लंबी यात्रा वडेरा ने बताया- यह यात्रा 7 राज्यों में होते हुए 5500 किलोमीटर तक जाएगी। यात्री ने बताया- जैन समाज के लिए बहुत बड़ा तीर्थ है। मुझे अवसर मिला है वहां पर जाने का। यह हमारे अच्छे कर्मों का फल है। सम्मेद शिखरजी मोक्ष प्राप्त की भूमि है।