पंचायती राज चुनाव के लिए सत्ताधारी भाजपा निकाय चुनावों में जीत से उत्साहित होकर सक्रिय कार्यकर्ताओं का पैनल बनाकर टिकट वितरण के माइक्रो-मैनेजमेंट में जुट गई है। कांग्रेस कथित वोट चोरी और वोटर लिस्ट से नाम कटने के मुद्दे को लेकर सड़कों पर उतरने की तैयारी में है। इस बार के पंचायत चुनाव कई मायनों में बेहद खास और अलग होने वाले हैं। चुनावी खर्च की सीमा बढ़ने और दो से अधिक बच्चों वाले अयोग्यता नियम में छूट मिलने से कई पुराने दिग्गजों की चुनावी राजनीति में वापसी तय मानी जा रही है। 50 फीसदी महिला आरक्षण के साथ आधी आबादी गांवों के विकास का नया विजन पेश करेगी। जिलाध्यक्ष सुनील भंडारी की अध्यक्षता में भाजपा ऑफिस में हुई बैठक में कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत सहित जिलेभर के पदाधिकारी शामिल हुए। निकाय चुनावों की तर्ज ही टिकटों के लिए आवेदन लेने के बाद पैनल तैयार करने का निर्णय लिया गया। सभी पंचायत समितियों में प्रभारियों की नियुक्ति की जा चुकी हैं। यह प्रभारी मंगलवार से 11 अक्टूबर तक पंचायत समिति मुख्यालय पर जाकर आवेदन लेंगे। इसके बाद पैनल तैयार किए जाएंगे। इस दौरान पंचायत समिति क्षेत्र के वार्डों में संगठन के द्वारा नियुक्त वार्ड प्रभारी भी जाएंगे। पैनल के बाद प्रभारी, जिलाध्यक्ष सहित कोर कमेटी की बैठक में टिकटों को लेकर फाइनल विचार विमर्श होगा। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व के दिशा-निर्देशों में ही टिकटों की घोषणा होगी। टिकटों देने के लिए सबसे बड़ा गाइडलाइन का दायरा स्थानीय स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ता को ही तवज्जो दी जाएगी। इसके साथ ही संगठन में कितने सक्रिय रहे, इसको लेकर भी जानकारी ली जाएगी। इधर, प्रदेश नेतृत्व ने देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना को निकाय चुनाव के बाद अब पंचायतराज चुनाव में भी जिले का चुनाव प्रभारी बनाया है। पाली में कांग्रेस जिलाध्यक्ष शिशुपालसिंह निंबाडा ने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा- भाजपा ने SIR की आड़ में देश भर में 13 करोड़ लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शायद भाजपा के लिए ही काम कर रहे थे। निम्बाड़ा ने कहा राहुल गांधी ने इसे देश एवं मीडिया के सामने उठाते हुए वोट चोरी का मुद्दा उठाया। इसकी के चलते वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर विरोध कर रहे हैं। हमारी मांग है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) को रद्द किया जाए। विधायक भीमराज भाटी ने कहा कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। ज्ञानेश कुमार भाजपा के एजेंट के रूप में कार्य कर रहे हैं। भाजपा लोकतंत्र की हत्या कर रही है। कांग्रेस महापौर प्रत्याशी सुमित्रा जैन ने कहा कि SIR के तहत करोड़ों लोगों के नाम काटकर वोट चोरी का काम किया गया है। वोट चोरी के जरिए सत्ता में आई सरकार का हटना तय है। मतदाता सूची में बदलाव के कारण मतदाताओं की असुविधा दूर करने के लिए विशेष मतदाता सहायता केन्द्र बनाए जा रहे हैं, जो यह दर्शाता है कि नए परिसीमन से मतदाताओं को अपना बूथ ढूंढने में चुनौती आ सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवार जो पहले दो से अधिक बच्चों के कारण चुनाव लड़ने से अयोग्य हो जाते थे, अब मुख्यधारा की चुनावी राजनीति में वापस आ सकेंगे। इसका सीधा असर कई पुराने स्थानीय नेताओं की चुनावी वापसी पर पड़ेगा। वर्ष 2019 के बाद पहली बार चुनावी खर्च की सीमा बढ़ाई गई है। जिला परिषद सदस्य में 3 लाख, पंचायत समिति सदस्य डेढ़ लाख, सरपंच1 लाख चुनावी खर्च कर सकेंगे।