बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री व पंजाब के प्रभारी डॉ. सतीश पूनिया ने देश में बढ़ते नशे पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज नशा देश में सबसे बड़ी बुराई है। कभी पंजाब अपनी रौनक और खुशहाली के लिए जाना जाता था, लेकिन नशे ने वहां की जवानी को तबाह कर दिया है। लेकिन अलवर के लोगों को राजनती का नशा है और अच्छे से करते हैं। अलवर के महल चौक में रविवार सुबह प्रदेशव्यापी नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत करते हुए डॉ. पूनिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस मुद्दे को लेकर बेहद गंभीर हैं। उन्होंने 'मन की बात' के दो एपिसोड में इस पर विस्तार से चर्चा की है। 2029 तक पंजाब और देश से नशा खत्म करने का संकल्प डॉ. पूनिया ने बताया कि नशा मुक्ति का संदेश देने के लिए पंजाब में 4,000 किलोमीटर की यात्रा निकाली गई है। जैसे धारा 370 खत्म हुई, उसी तरह 2029 तक नशे को भी पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। देश में 'माई भारत' (MY Bharat) के तहत युवाओं को रचनात्मक कार्यों से जोड़ा जा रहा है और 14 करोड़ लोग इस अभियान में लगे हैं। राजस्थान में नशे पर कड़ी कार्रवाई पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि राजस्थान में मौजूदा सरकार के दौरान नशे के खिलाफ कांग्रेस शासन की तुलना में चार गुना अधिक कार्रवाई हुई है। जोधपुर में नशे की फैक्ट्रियों को सीज किया गया है और बीएसएफ भी सीमावर्ती इलाकों में बेहतरीन काम कर रही है। वसुंधरा राजे पर कोई नाराजगी नहीं पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि वे विरासत से आई नेता हैं, प्रदेशाध्यक्ष और मुख्यमंत्री रही हैं। पार्टी में उनके प्रति किसी तरह की कोई नाराजगी नहीं है। नशा एक दिन में खत्म होने वाली बीमारी नहीं है, लेकिन गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में 2029 तक देश को पूरी तरह नशा मुक्त करने के लिए ठोस रोडमैप पर काम जारी है।