गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) सवाई माधोपुर में अस्टिटेंट प्रोफेसर के पद पर हुई एक नियुक्ति को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। चयन प्रक्रिया में निर्धारित अधिकतम आयु सीमा का पालन न होने की आशंका जताते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा ने राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसाइटी (राजमेस) के आयुक्त को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2024 में डॉ. मुनिराम मीणा का चयन अस्टटेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ था। चयन के बाद उन्हें कॉलेज में कार्यभार भी ग्रहण करा दिया गया। हालांकि, वर्ष 2025 में जब सर्विस बुक तैयार करने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा कराए गए, तब अभ्यर्थी की आयु से जुड़ा यह मामला सामने आया। आवेदन पत्र और उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार अभ्यर्थी की जन्मतिथि 1 जुलाई 1981 दर्ज है। इस आधार पर आवेदन के समय अभ्यर्थी की उम्र लगभग 43 वर्ष 4 माह थी। आयु सीमा को लेकर असमंजस भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक विज्ञप्ति के तहत मेडिकल कॉलेज में शिक्षकों के पदों के लिए सामान्यतः अधिकतम आयु सीमा 42 वर्ष निर्धारित थी, जबकि दिव्यांग वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए यह सीमा 47 वर्ष तय की गई थी। प्रिंसिपल द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नियुक्ति के समय अभ्यर्थी की पात्रता की स्थिति और निर्धारित आयु सीमा के नियमों का पुनरीक्षण किया जाना आवश्यक है। दस्तावेजों की जांच पर सवाल प्रिंसिपल डॉ. बी.पी. मीणा ने पत्र में यह भी उल्लेख किया है कि आवेदन के दौरान अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के परीक्षण की प्राथमिक जिम्मेदारी नियुक्ति प्राधिकारी की थी, लेकिन उस समय इन अभिलेखों का गहन परीक्षण नहीं हो सका। अब कॉलेज प्रशासन ने राजमेस आयुक्त से उपलब्ध सभी दस्तावेजों और सेवा नियमों के आधार पर मामले की नियमानुसार जांच करने और अंतिम निर्णय लेने का आग्रह किया है।