सीकर जिले में घुग्घू पक्षी को महंगे दाम में बेचने के नाम पर 5 लाख रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। ठगों के द्वारा किराना शॉप चलने वाले आदमी को झांसे में लिया गया। अब रानोली पुलिस मामले की जांच कर रही है पलसाना निवासी भंवरलाल ने रानोली पुलिस थाने में रिपोर्ट देकर बताया कि वह बस स्टैंड पर किराना शॉप चलाते हैं। 15 सितंबर को जब वह अपनी दुकान पर थे तो दुकान पर एक मोटरसाइकिल पर एक आदमी और एक महिला आए। जिन्होंने एक कोल्डड्रिंक की बोतल खरीदी और दुकान के सामने ही बैठकर पीने लगे। इसके बाद दोनों ने कहा कि कोई भैंस बेचने वाली हो तो हमें बताना हम भैंस खरीदते हैं। ऐसे में भंवरलाल ने उन्हें मना कर दिया। लेकिन 17 सितंबर को वही आदमी दुकान पर अकेला आता है और फिर कोल्डड्रिंक की बोतल लेकर सामने बैठकर पीने लगता है और मोबाइल पर वीडियो देखने लग जाता है। तब वह आदमी भंवरलाल को बोलता है कि एक पक्षी आता है जिसे घूघ्घू नाम से जानते हैं। वह काफी महंगा बिकता है यदि आपके पास हो तो बताना। लेकिन भंवरलाल ने उसे वक्त भी मना कर दिया। 19 सितंबर को वही आदमी वापस भंवरलाल की दुकान पर आता है और बोलता है कि पास के एक बाजरे के खेत में वह पक्षी देखा है तुम उसे पकड़वा दो। लेकिन भंवरलाल ने दुकान छोड़कर जाने से मना कर दिया इसके बाद वही आदमी खुद पक्षी को पकड़ लेता है और कट्टे में डाल लेता है। इसके बाद दुकान के सामने वापस आकर बैठकर उसके सौदे की मोबाइल पर बात करते हुए कहता है कि इसके बदले 50 लाख देने होंगे। थोड़ी देर में वहां पर एक स्कॉर्पियो गाड़ी आती है जिसमें करीब चार से पांच लोग होते हैं। जो उसे पक्षी को देखते हैं और बोलते हैं कि इसके तो पंख टूटे हुए हैं यह हमारे किसी काम का नहीं है। वह आदमी भी वहां से वापस चला जाता है। हालांकि जाने से पहले वह भंवरलाल के मोबाइल नंबर ले लेता है और फिर लगातार उस पक्षी को बेचने के वीडियो भेजता रहता है। 21 सितंबर को वह आदमी वापस भंवरलाल के पास आता है और बोलता है कि उसके परिचित एक आदमी के पास घुग्घू पक्षी है जिसके बदले वह 10 लाख मांग रहा है। उसे खरीदकर बेचेंगे तो 50 लाख मिलेंगे। वह आदमी भंवरलाल को बोलता है कि 5 लाख रुपए तुम दो और बाकी व्यवस्था मैं कर लूंगा। अगले दिन ही भंवरलाल पैसे उधार लेकर दुकान पर आ जाता है। वह आदमी भंवरलाल को अपने साथ बाइक पर बैठाकर श्रीमाधोपुर एरिया में ले जाता है। वहां एक आदमी से घुग्घू पक्षी खरीदते हैं। तीन किलोमीटर दूर चलने के बाद एक स्कॉर्पियो गाड़ी में लोग आते हैं और पक्षी को देखकर बोलते हैं कि यह तो मरा हुआ है। इसके बाद वह लोग वहां से चले जाते हैं। तब भंवरलाल को साथ ले जाने वाला आदमी बोलता है कि तुम टेंशन मत लो मेरे भी 5 लाख रुपए डूबे हैं। एक-दो दिन में और पक्षी पकड़ कर बेच देंगे। तीन-चार दिन तो वह आदमी भंवरलाल से बात करता है और अब फोन उठाना ही बंद कर दिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार राजस्थान की अलग-अलग लोकल गैंग ही इस तरह की ठगी की वारदात को अंजाम देती है जो खासकर अनपढ़ या ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पिक्चर ट्यूब,पक्षी आदि को खरीदकर बेचने के नाम पर ठगी का शिकार बनाती है। गैंग में शिकार से बात करने वाला आदमी,खरीदने वाला सब अलग-अलग काम करते हैं।