सीकर की कोतवाली थाना पुलिस ने बुजुर्ग महिलाओं के गहने लूटने वाली गैंग के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी महिलाओं का ब्रेनवॉश करके वारदात करते थे। वारदात करने से पहले गरीबों को रुपए दान भी करते हैं। देशभर में अब तक 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं। पुलिस अब दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। कोतवाली थाना SHO सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया- आरोपी सुनील शिंदे (29) पुत्र सरदार निवासी हिंगोली और रामचरण काले(32) पुत्र सीताराम काले निवासी परभणी को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल, 14 अप्रैल को पुलिस थाने पर कैलाश सिंह ने मुकदमा दर्ज करवाया था। रिपोर्ट में बताया था कि मां लिछमा कपड़े लेने के लिए 13 अप्रैल को सीकर आई थी। सुभाष चौक के पास तीन आदमी मिले और बातचीत करते हुए कहने लगे कि एक नई दुकान खुली है। वहां पर कपड़े सस्ते मिलते हैं। वहां से कपड़े दिलवा देंगे। सोने के गहने और रुपए छीने इसके बाद तीनों लोग महिला को बनारसी हॉस्पिटल की गली में ले गए। मौका पाकर गले से सोने का मादलिया छीन लिया। उनके पास से 25 हजार रुपए भी ले लिए। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चेक किए। पुलिस ने आरोपियों के चेहरे पहचाने। इसी बीच आरोपी वापस सीकर में वारदात करने के लिए आए। पुलिस थाने के कॉन्स्टेबल दलीप ने सालासर बस स्टैंड के पास आरोपियों को देखा। वहां भी आरोपी किसी महिला का पीछा कर रहे थे। इसके पहले ही दोनों आरोपियों को पुलिस ने दबोच लिया। आरोपी इतने शातिर हैं कि पुलिस को अपना असली नाम और एड्रेस नहीं बताते। पुलिस ने महाराष्ट्र पुलिस से कॉन्टेक्ट करके नाम और एड्रेस मालूम किए। दोनों के खिलाफ पहले भी महाराष्ट्र सहित अलग-अलग जगह पर काफी मुकदमे दर्ज हैं। रुपए दान करके टारगेट ढूंढते हैं आरोपी सीकर में भी कई वारदात कर चुके हैं। कई मामले तो ऐसे भी हैं, जिनमें परिवादी मुकदमा दर्ज करवाने ही नहीं पहुंचे। आरोपी वारदात करने के लिए ट्रेन से सीकर आते हैं। सीकर आने के बाद सबसे पहले शराब ठेके पर जाकर शराब पीते हैं। फिर रेलवे स्टेशन के बाहर भीख मांगने वाले लोगों को रुपए दान करके सीकर शहर में अपना टारगेट ढूंढते हैं। इनका टारगेट बुजुर्ग महिलाएं होती हैं, जो गले में जेवरात पहनी हुई होती है। उसे आरोपी नई दुकान दिखाने, सोना डबल करने जैसा लालच देकर सुनसान जगह पर लेकर चले जाते हैं। इसके बाद उन्हें कुछ सूंघाकर जेवरात और रुपए ले लेते हैं। कुछ मिनट में आरोपी वारदात करके वापस महाराष्ट्र भाग जाते हैं। अब तक आरोपी करीब 100 से ज्यादा वारदात कर चुके हैं।