बूसी सीरवी समाज की आराध्य देवी आई माता मंदिर बिलाड़ा से आई माता की वैल बूसी पहुंची। ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ स्वागत किया। मोहनलाल चौधरी ने बताया कि जाटों के वास में स्थित आई माता वडेर में मंगलवार शाम वैल का बधावना हुआ। आई माता की विशेष पूजा-अर्चना हुई। आरती की गई। क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की गई। इसके बाद धर्मसभा हुई। खेता महाराज ने धर्म जीवन पर प्रकाश डाला। आई माता के धर्म के 11 नियमों की विस्तृत जानकारी दी। आई माता के जीवन सिद्धांत अपनाकर सुखी जीवन जीने की बात कही। इस मौके पर बिलाड़ा वैल के साथ आए खेता महाराज, घेवर महाराज, शंकर महाराज, पेमा बाबाजी, राजेंद्रसिंह मौजूद रहे। मंगनाराम, डूंगाराम जमाधारी, हीराराम, ओगड़राम कोतवाल, गंगाराम जमाधारी, वरदाराम, पुनाराम, घीसाराम, चमनाराम, धनाराम चौधरी, पुखराज मुलेवा, रताराम सीरवी सहित धर्मप्रेमी शामिल हुए। यहां वैल का रात्रि ठहराव किया। बुधवार को आई माता वैल इटंदरा मेड़तियान के लिए रवाना होगी। बूसी. कस्बे में बिलाड़ा आई माता वेल का स्वागत करते ग्रामीण।