पंचायतीराज चुनाव से पहले श्रीगंगानगर जिले के भाजपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल सीएम भजनलाल शर्मा से उनके आवास पर मिला। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ से भी नेताओं ने मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने इस मुलाकात को अनूपगढ़, घड़साना, रावला और आसपास के क्षेत्र में एक महीने से ज्यादा समय से चल रहे किसान-सिंचाई पानी आंदोलन से जोड़कर पेश किया। पंचायतीराज चुनाव से पहले ग्रामीण क्षेत्र में किसानों की नाराजगी, संगठन के भीतर अलग-अलग खेमों की सक्रियता और स्थानीय स्तर पर नेताओं के बीच राजनीतिक खींचतान के बीच इतने बड़े प्रतिनिधिमंडल का सीएम के सामने पहुंचना भाजपा की चुनावी तैयारी का अहम हिस्सा है। सीएम बोले- मैं किसान का बेटा भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह ने कहा- सीएम भजनलाल शर्मा ने घड़साना किसान आंदोलन को लेकर चिंता जताई। सीएम ने कहा कि वे स्वयं किसान के बेटे हैं और सरकार किसानों को उपलब्धता के आधार पर सिंचाई पानी दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल जल संसाधन विभाग के चीफ इंजीनियर ओमप्रकाश मेहरड़ा से मिला। नेताओं ने किसानों को उनके निर्धारित हिस्से का पूरा सिंचाई पानी उपलब्ध कराने की मांग रखी। इसी बीच राज्य सरकार की ओर से अधिकारियों का एक दल पंजाब भेजा गया। यह दल पंजाब में तीनों नहर प्रणालियों में पानी की मात्रा बढ़ाने को लेकर प्रयास कर रहा है। यानी भाजपा नेताओं की ओर से आंदोलन को सिर्फ राजनीतिक मुद्दा बनाने के बजाय सरकार के स्तर पर पानी उपलब्ध कराने की कोशिश दिखाने का पूरा प्रयास किया गया। यह नेता रहे मौजूद एक ही प्रतिनिधिमंडल में भाजपा जिलाध्यक्ष शरणपाल सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी, प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी विजेंद्र पूनिया, एससी मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष निहालचंद मेघवाल, पूर्व मंत्री रामप्रताप कासनिया, पूर्व उपमुख्य सचेतक ओपी महेंद्र, किसान मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष आत्माराम तरड़, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी प्रियंका बैलान, पूर्व विधायक बलवीर सिंह लूथरा, संतोष बावरी, अशोक नागपाल, लालचंद मेघवाल, शिमला बावरी, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सतपाल कासनिया, पृथ्वीपाल संधू, रामप्रकाश गोदारा और पेपसिंह राठौड़ सहित कई नेता शामिल रहे।