सूरतगढ़ सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट के कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) के तीसरे चरण स्थित क्रशर हाउस में करंट लगने से हुई श्रमिक की मौत के मामले में रविवार को चार दौर की वार्ता के बाद मुआवजे पर सहमति बन गई। इसके बाद पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक की पहचान चक 3 एनएम नाहरांवाली, अनूपगढ़ निवासी मुमताज (30) पुत्र उम्मेद कुमार के रूप में हुई थी। शनिवार को क्रशर हाउस में लाइट लगाने का कार्य करते समय वह करंट की चपेट में आ गया था। आरोप है कि बिजली कार्य के दौरान आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं थे। हादसे के बाद मृतक के परिजनों और श्रमिक नेताओं ने मुआवजे की मांग को लेकर मोर्चा संभाला। रविवार को किसान नेता राकेश बिश्नोई, इंटक प्रदेश महामंत्री श्याम सुंदर शर्मा, कांग्रेस नेता ओमप्रकाश गेदर, सूरतगढ़ विद्युत उत्पादन मजदूर यूनियन इंटक महामंत्री लक्ष्मीलाल सुथार सहित मृतक के परिजनों की परियोजना प्रशासन और ठेका कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ चार दौर की वार्ता हुई। वार्ता में परियोजना के अतिरिक्त मुख्य अभियंता वीके सिंह, युवराज मदान, कोल हैंडलिंग प्लांट के अधीक्षण अभियंता श्रवण कड़वासरा, नायब तहसीलदार नीरज वर्मा और ठेका कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर पालेंद्र सिंह मौजूद रहे। वार्ता के बाद 17 लाख 50 हजार रुपए का चेक, 1 लाख रुपए नकद तथा परियोजना प्रशासन की ओर से ढाई लाख रुपए मुआवजा देने पर सहमति बनी। इसके बाद परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति जताई और पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया। करीब 22 घंटे बाद धरना समाप्त होने से पुलिस प्रशासन ने भी राहत की सांस ली। श्रमिक सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इंटक प्रदेश महामंत्री श्यामसुंदर शर्मा ने ठेका कंपनी और थर्मल प्रबंधन पर सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सीएचपी में निर्धारित संख्या से कम श्रमिक लगाए जाने से काम का दबाव बढ़ रहा है। साथ ही आवश्यक सुरक्षा उपकरण और सेफ्टी संसाधन उपलब्ध नहीं करवाने का आरोप लगाया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। फिलहाल पुलिस और थर्मल प्रशासन की ओर से समझाइश का दौर जारी है।