बाड़मेर | सत्ता बदलते ही नगर परिषद के दिन भले न फिरे हो, लेकिन दीवारों की रंगत जरूर बदल गई है। शहर को सफाई का पाठ पढ़ाने वाले नगर परिषद कार्यालय की दीवारों पर गुटखे और पान की पीक से बने चित्र सफाई अभियान की हकीकत बयां कर रहे हैं। 15 साल के इंतजार के बाद सत्ता का तख्तापलट तो हो गया, लेकिन नगरपरिषद परिसर में लगे कचरे के ढेरों की जगह नहीं बदली है। शहर के सौंदर्यीकरण का सपना दिखाने वाले अधिकारी खुद अपने दफ्तर के इस सूखे पड़े फव्वारों को पानी के लिए तरसा रहे हैं।