जयपुर ने इस बार शहर सरकार चुनने के सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। नगर निगम के 150 वार्डों में अंतिम मतदान 63.55% रहा। कुल 24 लाख 33,198 मतदाताओं में से 15 लाख 46,193 ने वोट डाला। यह 2020 के 58.15% से 5.40 प्रतिशत और 2014 के 60.34% से 3.21% ज्यादा है। भास्कर ने मतदान बढ़ने के कारणों की पड़ताल की तो इसका कारण मतदाताओं में बढ़ोतरी, जेन-जी की सक्रियता और बड़ी संख्या में मैदान में उतरे निर्दलीय प्रत्याशियों का घर-घर संपर्क रहा। हालांकि सुबह मतदान की रफ्तार बहुत धीमी थी। सुबह 10 बजे तक 16.20% मतदान ही हुआ था। दोपहर 1 बजे तक 37.36% और दोपहर 3 बजे 48.89% मतदान हुआ था। इसके बाद आखिरी तीन घंटे में मतदान में 13.85 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई। यानी शाम 6 बजे तक 62.88% मतदाता वोटिंग कर चुके थे। यानी आखिरी 3 घंटे में ही 3,37,022 वोट पड़े। इसके बाद कतार में खड़े 19,534 वोट और डले। प्रतिशत भी बढ़ गया। 2.71 लाख नए मतदाता, 5.60 लाख जेनजी और 250 नए बूथ 2,71,089 वोटर पिछले निगम चुनाव से ज्यादा रहे। इस बार 24,33,198 वोटर हैं, जबकि 2020 में 21 लाख 62,109 थे। 5 लाख 60 हजार जेन-जी वोटर यानी कुल वोटिंग में 23 प्रतिशत। मतदान में इन्होंने बढ़-चढ़कर उत्साह दिखाया। 2256 मतदान के लिए बूथ बनाए गए थे। ये पिछले निगम चुनाव से 250 ज्यादा हैं। मतदाताओं को पहुंचने में आसानी रही। 368 निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ अन्य पार्टियों के 57 प्रत्याशी भी मैदान में हैं। इन्होंने वोटिंग के लिए जमकर दौड़ लगाई। सबसे ज्यादा मतदान : वार्ड 148-150 में 81.45%, यह जयपुर के औसत 63.55% से 17.90% ज्यादा। सबसे कम मतदान : वार्ड 88-103 में। शाम 6 बजे के बाद मतदान थम गया था, लेकिन आदर्श नगर, किशनपोल, हवामहल व सिविल लाइंस पर मतदाता डटे हुए थे। इससे 19 हजार मतदान बढ़ गया।