बांसवाड़ा में शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में अश्विन नवरात्र महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। नवरात्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और व्यवस्थापक मंडल पंचाल समाज चौदह चोखरा की बैठक मंदिर परिसर में हुई। इसमें दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, पार्किंग, सफाई, विद्युत, पेयजल, गरबा रास और भीड़ प्रबंधन सहित कई व्यवस्थाओं पर मंथन कर कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपने का निर्णय लिया गया। इन व्यवस्थाओं पर रहेगा फोकस बैठक में टेंट-डेकोरेशन, पार्किंग, सफाई, विद्युत और प्रकाश, सीसीटीवी निगरानी, पेयजल, यज्ञशाला, निज मंदिर, प्रसाद निर्माण, महाप्रसाद, भोजन, कूपन वितरण, सुरक्षा, निमंत्रण पत्रिका, प्रचार-प्रसार और श्रद्धालुओं के आवागमन और भीड़ प्रबंधन को लेकर चर्चा हुई। सभी व्यवस्थाओं को नवरात्र से पहले पूरा करने पर जोर दिया गया। 11 अक्टूबर को घट स्थापना नवरात्र का शुभारंभ 11 अक्टूबर रविवार को होगा। दोपहर 12:01 से 12:47 बजे तक अभिजीत मुहूर्त में घट स्थापना होगी। पूजन कार्यक्रम सुबह 10:30 बजे लाभ और अमृत चौघड़िया में शुरू होगा। व्यवस्थाओं की अंतिम समीक्षा के लिए 10 अक्टूबर अमावस्या की रात विशेष बैठक होगी। सप्तमी की रात 18 अक्टूबर को भी व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी। रात 12 बजे तक दर्शन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नवरात्र में मां त्रिपुरा सुंदरी के दर्शन सुबह 5 से रात 12 बजे तक होंगे। सुबह 7 बजे और शाम 7 बजे आरती दर्शन की व्यवस्था रहेगी। अष्टमी पर दर्शन सुबह 4 बजे से शुरू होंगे और सुबह 5 बजे मंगला आरती होगी। गरबा रास में जुटेगी महिला शक्ति प्रवक्ता नटवर सुंदनी ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर में प्रतिदिन रात 8 से 12 बजे तक गरबा रास होगा। प्रतिदिन दो चोखरों को आरती का लाभ दिया जाएगा। बैठक में संबंधित चोखरों से महिला शक्ति और श्रद्धालुओं को मंदिर तक लाने के लिए आवश्यकता अनुसार वाहन व्यवस्था करने का आह्वान किया गया। अष्टमी पर हवन, यजमान बनने के लिए बोली 19 अक्टूबर सोमवार को अष्टमी पर विशेष धार्मिक आयोजन होंगे। हवन की पूर्णाहुति शाम 5 बजे होगी। हवन के यजमान बनने के लिए बोली सुबह 9 से 10 बजे तक रखी गई है। सामूहिक सहभागिता से होगा आयोजन संचालन महामंत्री नटवर लाल पंचाल ने कहा कि मां त्रिपुरा सुंदरी का नवरात्र महोत्सव क्षेत्र की आस्था और परंपरा से जुड़ा प्रमुख आयोजन है। इसे व्यवस्थित रूप से पूरा कराने में पंचाल समाज के सभी चोखरों, महिला शक्ति, युवा वर्ग और स्थानीय श्रद्धालुओं की सहभागिता महत्वपूर्ण रहेगी। बैठक की अध्यक्षता पंचाल समाज चौदह चोखरा अध्यक्ष धुलजी भाई पालोदा ने की। मुख्य अतिथि अंबालाल पाचलवासा रहे। विशिष्ट अतिथि जगदीश जोसवा, लक्ष्मण परतापुर और प्रदीप सज्जनगढ़ और अति विशिष्ट अतिथि गंगाराम बिलोदा, राजेंद्र प्रसाद घाटोल, कारीलाल माथुगामड़ा और दिनेश बावलवाड़ा रहे। वंदे मातरम् और इष्ट वंदना से बैठक की शुरुआत हुई। सचिव कपिल छींच ने बताया कि बैठक में चौदह चोखरा के स्थानीय अध्यक्ष, केंद्रीय पदाधिकारी, प्रतिनिधि एवं प्रकोष्ठ प्रभारी सहित भगवतीलाल मुंगेड, नारायणलाल बड़ोदिया, घनश्याम पालोदा, विजेंद्र, कन्हैयालाल, देवीलाल पारसोला, अमृतलाल बांसवाड़ा, सूरजमल परतापुर, धनपाल साबला, चिरंजीत गामड़ी देवल, रामचंद्र माथुगामड़ा, कचरुलाल खमेरा, देवीलाल नादिया, सुरेंद्र, हरिओम, देवीलाल, हिंदप्रकाश बांसवाड़ा, ईश्वरलाल बोरी, ईश्वर जोगपुर, हीरालाल चोखला, डायालाल पीठ, केशवलाल वागपुर, भोगीलाल बेडसा, नटवरलाल बोड़मली एवं गटूलाल गैंजी ,पंकज टीमेडा, मुकेश कुशलगढ़ , पंकज सीमलवाड़ा,सहित पदाधिकारी और समाजजन उपस्थित रहे।