उदयपुर महिला अधिकार मंच के प्रतिनिधिमंडल ने आज शाम को जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर 4 अक्टूबर को आयोजित महिला सुरक्षा मार्च के दौरान छात्राओं के साथ कथित अभद्रता और रानी पद्मावती एवं किरण कुंवर से संबंधित पोस्टर छीने जाने के मामले में कार्रवाई की मांग की। उदयपुर महिला अधिकार मंच की अध्यक्ष सुमित्रा का आरोप है कि महिला सुरक्षा मार्च में शामिल स्थानीय छात्राओं के साथ कुछ युवकों ने धक्का-मुक्की एवं अभद्रता की तथा उनके हाथों में मौजूद मेवाड़ के इतिहास से संबंधित पोस्टर छीन लिए। प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर से मामले की जांच कर संबंधित युवकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की। साथ ही उदयपुर के सामाजिक एवं सांस्कृतिक वातावरण को लेकर लगातार सामने आ रहे विवादों का उल्लेख करते हुए विभिन्न घटनाओं की जांच की मांग भी रखी। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि मेवाड़ के इतिहास और विशेष रूप से जौहर को लेकर समय-समय पर विवादित टिप्पणियां एवं प्रदर्शन सामने आते रहे हैं। ज्ञापन में मुख्य रूप से दो मांगें रखी गईं। पहली, उदयपुर में युवाओं को कथित रूप से भ्रमित कर विवाद उत्पन्न करने तथा मेवाड़ के गौरव के विरुद्ध कथित नरेटिव स्थापित करने के आरोपों की जांच की जाए और इसमें कुछ स्थानीय एनजीओ की भूमिका की भी जांच की जाए। दूसरी, 4 अक्टूबर के मार्च के दौरान छात्राओं के साथ कथित अभद्रता तथा मेवाड़ की वीरांगनाओं से संबंधित पोस्टर हटाने या छीनने के मामले में संबंधित युवकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। यह समाचार भी पढ़े… महिलाओं के प्रदर्शन में कॉकरोच पार्टी कार्यकर्ता ने की धक्का-मुक्की:पोस्टर छीना; उदयपुर में महिला सुरक्षा को लेकर निकाला मार्च