चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से अर्पण सेवा संस्थान ने यूनिसेफ के सहयोग से जीरो डोज परियोजना चलाई जा रही है। इसके तहत सब सेंटर नेडच के अधीन भील बस्ती में माता बैठक हुई। बैठक में ब्लॉक समन्वयक प्रकाशचंद्र खटीक ने माताओं को सेशन के दिन लाभार्थी को दिए जाने वाले 4 संदेश बताए। पहला, कौनसा टीका लगा है। दूसरा, वह किन रोगों से बचाव करेगा। तीसरा, टीके के बाद कौनसे प्रतिकूल प्रभाव हो सकते हैं। चौथा, उनका निदान कैसे करना है। खटीक ने बताया कि अगले टीकाकरण के लिए कब और कहां आना है, यह भी साफ बताना जरूरी है। ममता कार्ड सुरक्षित रखने की बात भी कही। अगले सेशन पर कार्ड साथ लाने को कहा। खटीक ने बताया कि ये चार संदेश शिशु को जेडडी, पीजेडडी, ड्रॉप आउट होने से बचा सकते हैं। एफआई कवरेज बढ़ सकता है। समुदाय में ज्यादातर माताएं निरक्षर हैं। कार्ड पढ़ नहीं पातीं। डर, अंधविश्वास के कारण शिशु का टीकाकरण नहीं करवातीं। इसलिए ये संदेश जरूरी हैं। इससे डर, अंधविश्वास दूर हो सकता है। बैठक में एएनएम मीना ने शिशु टीकाकरण का कारण बताया। बचाव की जानकारी दी। नियमित टीकाकरण कराने का आह्वान किया। स्वच्छता के प्रति भी जागरूक किया। इस दौरान आशा नीता शर्मा, मां-बाड़ी संचालक और माताएं मौजूद थी।