आधार से जुड़ी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वालों के लिए राहत की खबर है। अब चेहरे से आधार सत्यापन के लिए अलग से ऐप डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। बैंक, बीमा और अन्य वित्तीय संस्थान अपने मोबाइल ऐप में ही आधार फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा जोड़ सकेंगे। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने आधार फेस ऑथेंटिकेशन एसडीके और सैंडबॉक्स लॉन्च किया है। अभी चेहरे से आधार सत्यापन के लिए ‘फेस आरडी’ जैसे अलग ऐप की जरूरत पड़ती थी। नई व्यवस्था में एक ऐप में ही सुविधा मिलेगी। खाता खोलने से ई-केवाईसी तक में उपयोग ग्राहक मोबाइल कैमरे के सामने रहकर चेहरे के जरिए अपनी पहचान सत्यापित कर सकेगा। इससे ऑनलाइन सेवाओं में पहचान सत्यापन की अतिरिक्त प्रक्रिया कम होगी। आधार फेस ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल पेंशनभोगियों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत में लाभार्थी पंजीकरण, डीबीटी योजनाओं, आधार आधारित भुगतान, मोबाइल सिम के ई-केवाईसी, पीएम किसान जैसी सेवाओं में भी उपयोग होगा।