अजमेर नगर निगम में दशहरा महोत्सव की तैयारियों और आयोजन समितियों के गठन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्षदों ने भाजपा पार्षद सतीश बंसल पर बैठक के दौरान महिला पार्षद से अभद्र व्यवहार करने और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को कांग्रेस पार्षदों के प्रतिनिधिमंडल ने महापौर अनामिका शर्मा को ज्ञापन सौंपकर 7 दिन के भीतर विशेष साधारण सभा बुलाने की मांग की। पार्षदों ने राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 की धारा 51(2) के तहत सभा बुलाकर पूरे मामले पर चर्चा कराने की मांग रखी है। 5 कमेटियों में 4 के संयोजक भाजपा पार्षद, कांग्रेस ने उठाए सवाल कांग्रेस पार्षद नौरत गुर्जर ने कहा कि दशहरा महोत्सव, रामलीला मंचन और रामलीला बारात जैसे धार्मिक आयोजन शहर में भव्य तरीके से होने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम की ओर से गठित 5 कमेटियों में से 4 में भाजपा पार्षदों को संयोजक बनाया गया, जबकि कांग्रेस को केवल एक कमेटी की जिम्मेदारी दी गई। इसी को लेकर पहली बैठक में पार्षद मीनाक्षी ने सवाल उठाया था। गुर्जर के अनुसार, इस दौरान भाजपा पार्षद सतीश बंसल ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। सदन की गरिमा और पार्षदों के सम्मान का मुद्दा उठाया नौरत गुर्जर ने कहा कि नगर निगम सदन की गरिमा बनाए रखना और सभी पार्षदों के मान-सम्मान की रक्षा करना महापौर की जिम्मेदारी है। शहर के विकास और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में सभी पार्षदों को साथ लेकर चलना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद का समाधान सदन में चर्चा के जरिए किया जाना चाहिए, ताकि दशहरा महोत्सव की तैयारियां प्रभावित न हों। 7 दिन में विशेष सभा बुलाने की मांग कांग्रेस पार्षदों ने ज्ञापन महापौर को सौंपा। इसमें 7 दिन के भीतर विशेष साधारण सभा बुलाकर कथित अभद्र व्यवहार और कमेटियों के गठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की गई है। पार्षदों का कहना है कि सभी जनप्रतिनिधियों के सम्मान को ध्यान में रखते हुए दशहरा महोत्सव का आयोजन कराया जाना चाहिए। यह खबर भी पढ़ें...... अजमेर निगम की कमेटियों के बंटवारे पर कांग्रेस-बीजेपी पार्षद आमने-सामने:* कांग्रेस पार्षदों ने बैठक से किया वॉकआउट, थाने में भाजपा पार्षद के खिलाफ दी शिकायत