अलवर नगर निगम आयुक्त लक्ष्मीकान्त कटारा को सरकार ने APO कर दिया है। कटारा को करीब दो महीने पहले ही अलवर नगर निगम आयुक्त की जिम्मेदारी मिली थी। इतने कम समय में उन्हें APO किए जाने के बाद इसके कारणों को लेकर नगर निगम और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई हैं। APO पीछे 3 कारण माने जा रहे है, जिसमें- मंत्री के प्रोटोकॉल में नहीं थे आयुक्त पहला कारण- गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को वन राज्य मंत्री संजय शर्मा नगर निगम पहुंचे थे। उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और कुछ ही देर में वहां से रवाना हो गए थे। इस दौरान महापौर और आयुक्त उनके स्वागत के लिए सामने नहीं आए। हालांकि मंत्री ने सार्वजनिक तौर पर इसे लेकर कोई नाराजगी जाहिर नहीं की है। दूसरा कारण- 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती का मामला भी चर्चा में आयुक्त के APO होने के पीछे दूसरा कारण नगर निगम में साल 2012 की सफाई कर्मचारी भर्ती से जुड़ा लंबित मामला भी माना जा रहा है। इसी भर्ती के अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने के मुद्दे पर अगस्त में मंत्री संजय शर्मा नगर निगम में धरने पर बैठे थे। धरने के बाद कुछ अभ्यर्थियों को नियुक्ति- पत्र दिए गए थे लेकिन भर्ती से जुड़े अन्य मामलों को लेकर प्रक्रिया जारी रही। इस दौरान कई मृत अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति-पत्र दे दिए गए थे। तीसरा कारण- पार्षद के पति की शिकायत भी चर्चा में तीसरा कारण भाजपा पार्षद और उप महापौर पद की दावेदार रहीं वार्ड 61 की पार्षद सुनीता यादव के पति सतीश यादव की शिकायत को बताया जा रहा है। बताया गया कि उनके वार्ड में दो दिन तक मृत गाय पड़ी रही। आरोप है कि नगर निगम के ठेकेदार की ओर से उसे नहीं उठाया गया। इसके बाद सतीश यादव ने आयुक्त को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठने और मैसेज का जवाब नहीं मिलने की शिकायत की थी। सरकार के आदेश में कटारा को प्रशासनिक कारणों से आगामी आदेश तक पदस्थापन की प्रतीक्षा में रखने की बात कही गई है। ऐसे में ऊपर बताए जा रहे कारण फिलहाल चर्चा और स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे कयास हैं, आधिकारिक कारण नहीं। --- ये खबर भी पढ़िए- नई मेयर से नाराज होकर निकले वन मंत्री संजय शर्मा:मिनिस्टर को रोकने कार के पीछे भागे महापौर के पति; गांधी जयंती पर नगर-निगम पहुंचे थे अलवर में नगर निगम मेयर चुनाव के 10 दिन बाद ही वन राज्य मंत्री संजय शर्मा और मेयर के बीच की नाराजगी नजर आई। (पढ़िए पूरी खबर)