अलवर नगर निगम के मेयर चुनाव के लिए बीजेपी ने नेहा मनचंदा और कांग्रेस ने हारी हुई प्रत्याशी अंशुल गर्ग पर दांव खेला है। बीजेपी ने अजय अग्रवाल की जगह नेहा मनचंदा को टिकट दिया है। यह चौंकाने वाला है। इसके पीछे पार्टी की सोची-समझी रणनीति हो सकती है। वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस ने अंशुल गर्ग को हारने के बाद मेयर पद के लिए प्रत्याशी बनाया गया, जो ज्यादा चौंकाने वाला है। बीजेपी की नेहा मनचंदा वार्ड 48 से पार्षद बनी हैं। नेहा के ससुर दो बार नगर परिषद अलवर में पार्षद रह चुके हैं। बीजेपी के ये चेहरे सामने थे बीजेपी के पास तीन प्रमुख चेहरे थे। इनमें सबसे प्रबल दावेदार अजय अग्रवाल, दूसरे नंबर पर नेहा मनचंदा और तीसरे नंबर पर अपूर्वा शर्मा को माना जाता रहा। पिछली बार क्रॉस वोटिंग से हारी थी बीजेपी साल 2019 में बीजेपी प्रत्याशी अलवर नगर परिषद का सभापति बनने से रह गया था। तब बीजेपी की 27 सीट थी और कांग्रेस की केवल 19 सीट थी। इसके बावजूद कांग्रेस ने सभापति की कुर्सी हथिया ली थी। इस बार ज्यादा फर्क नहीं है। बीजेपी की एक सीट बढ़ी है। वहीं कांग्रेस 19 से 23 पर आ गई है, लेकिन इस बार निर्दलीय पार्षद बीजेपी के पाले में हैं। इसलिए उनका बोर्ड बनने की संभावना अधिक है। पिछली बार कांग्रेस की सरकार थी। जानकार मानते हैं कि जिसकी प्रदेश में सरकार होती है, निर्दलीय उनके दबदबे में रहते हैं।