अलवर में भी पंचायत चुनाव की तारीख बदली है। चुनाव 2 चरणों में ही होंगे। अब पहले चरण के लिए वोटिंग की तारीख 22 व 24 अक्टूबर तय की है। जो पूर्व में 23 व 25 अक्टूबर तय की थी। मतलब पहले चरण में जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्य के लिए 22 अक्टूबर और पंच व सरपंच के लिए 24 अक्टूबर को वोटिंग होगी। इसी तरह दूसरे चरण के लिए वोटिंग की तारीख भी बदली है। अब दूसरे चरण में जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्य के लिए मतदातन 28 अक्टूबर और पंच व सरपंच के चुनाव के लिए मतदान 30 अक्टूबर को होगा। जबकि पहले चुनाव आयोग ने अलवर में दूसरे चरण की वोटिंग की तारीख 29 व 31 अक्टूबर तय की थी। इस तरह एक-एक दिन पहले चुनाव की नई तारीख घोषित की हैं। एक तरह से चुनाव लड़ने वालों को प्रचार में अब एक दिन कम मिलेगा। रिजल्ट वोटिंग के दिन ही आएगा पंच/सरपंच के चुनाव का रिजल्ट वोटिंग के दिन ही आ जाएगा। वहीं पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य के चुनाव परिणाम देवउठनी एकादशी के दिन 20 नवंबर को आएगा। जिला प्रमुख के चुनाव 25 नवंबर और प्रधान के चुनाव 27 नवंबर को होंगे। इससे पहले के चुनाव में अलवर में ही खैरथल-तिजारा, बहरोड़ व बानसूर भी शामिल था। लेकिन अब खैरथल-तिजारा अलवर जिला बन गया है। बहरोड़ व बानसूर भी कोटपूतली-बहरोड़ जिले में शामिल हो गए हैं। अलवर जिला परिषद में इस बार 39 वार्ड पिछले चुनाव तक अलवर जिला परिषद में 49 सदस्य चुने गए थे। उसके बाद अलवर जिले का कुछ हिस्सा खैरथल-तिजारा जिले में चला गया। कुछ हिस्सा कोटपूतली- बहरोड़ जिले में शामिल कर दिया। इस कारण अब अलवर जिले में 39 जिला परिषद के वार्ड हैं। अलवर जिला प्रमुख एसटी महिला आरक्षित हुआ है। जबकि पिछले कार्यकाल में यह सीट ओबीसी ओपन के लिए रिजर्व थी। अलवर में प्रधान पद के लिए आरक्षण की स्थिति