राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं में डमी अभ्यर्थियों के जरिए चयन करवाने के मामले में एसओजी ने मध्यस्थ आरोपी राजमोहन मीणा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने वरिष्ठ अध्यापक (माध्यमिक शिक्षा) द्वितीय श्रेणी प्रतियोगी परीक्षा-2022 में मूल अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा के स्थान पर दो डमी अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी। इसके लिए 8 लाख रुपए में सौदा तय किया गया था। एसओजी इस मामले में आरोपी से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। एडीजी एसओजी विशाल बंसल ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC), अजमेर की ओर से 24 दिसंबर 2022 को वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इस दिन सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान, विज्ञान विषय की परीक्षा हुई थी। सामान्य ज्ञान और शैक्षिक मनोविज्ञान का पेपर लीक होने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। इसके बाद इस विषय की परीक्षा 29 जनवरी 2023 को आयोजित की गई। 8 लाख रुपए में दो डमी अभ्यर्थियों की व्यवस्था जांच में सामने आया कि टोंक जिले के उनियारा तहसील के लसाड़िया गांव का रहने वाले मूल अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा ने दोनों विषयों की परीक्षा खुद नहीं दी थी। उसकी जगह पर टोंक के परीक्षा केंद्रों पर अलग-अलग दो डमी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। डमी अभ्यर्थियों के जरिए परीक्षा पास कर अरुण कुमार मीणा वरिष्ठ अध्यापक (विज्ञान विषय) के पद पर धोखाधड़ी से चयनित भी हो गया था। अरुण कुमार मीणा ने दोनों विषयों की परीक्षा में अपने स्थान पर डमी अभ्यर्थियों को बैठाने के लिए सवाई माधोपुर जिले के कुंडेरा थाना क्षेत्र के हिंगोनी गांव निवासी राजमोहन मीणा से 8 लाख रुपए में सौदा तय किया था। राजमोहन ने ही दोनों डमी अभ्यर्थियों की व्यवस्था की थी। मूल अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। SI-भर्ती 2021 में डमी अभ्यर्थी से दिलवाई थी खुद की परीक्षा आरोपी और मूल अभ्यर्थी अरुण कुमार मीणा ने SI-भर्ती 2021 में भी खुद परीक्षा नहीं दी थी। उसने डमी अभ्यर्थी के माध्यम से परीक्षा पास कर एसआई के पद पर चयन प्राप्त किया था। इस मामले में भी आरोपी को पहले गिरफ्तार किया जा चुका है। 21 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर आरोपी इस मामले में एसओजी थाने में 27 दिसंबर 2023 को दर्ज मुकदमे और राजस्थान सार्वजनिक परीक्षाअधिनियम, 2022 के तहत कार्रवाई की गई है। अनुसंधान अधिकारी और एडीशनल एसपी प्रकाश कुमार शर्मा ने आरोपी राजमोहन मीणा को गिरफ्तार कर जयपुर महानगर-द्वितीय के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्रम संख्या-3 के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने आरोपी को 21 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया। एसओजी आरोपी से पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में जानकारी जुटाने के लिए आगे अनुसंधान कर रही है।