बाड़मेर जिले में 41 साल के सेना के हवलदार की हार्ट अटैक से मौत हो गई। बेरीवाला सागणा निवासी हवलदार महेंद्र कुमार एक दिन पहले ही छुट्‌टी पर गांव आए थे। शनिवार देर रात करीब 9 बजे खाना खाने के कुछ देर बाद अचानक महेंद्र के सीने में दर्द होने लगा। परिजन तुरंत उनको हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत महेंद्र को मृत घोषित कर दिया। हवलदार महेंद्र कुमार जनवरी 2027 में रिटायर होने वाले थे। रविवार को पोस्टमॉर्टम के बाद पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी गई। उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा। महेंद्र कुमार के परिवार में माता, पिता, पत्नी दिव्या, 3 बेटियां वर्षा, ललिता, पूजा और सबसे छोटा बेटा देवेन्द्र (10) है, जो छठीं क्लास में पढ़ रहा है। महेंद्र के बड़े भाई कंवराराम किसान हैं। अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद की बाड़मेर इकाई के कोषाध्यक्ष मेजर(रिटायर्ड) किशोर सिंह ने बताया- हवलदार महेंद्र कुमार (41) पुत्र रामाराम का जनवरी 2003 में जाट रेजिमेंट में सिलेक्शन हुआ था। वर्तमान में वे पंजाब के फाजिल्का में तैनात थे। कुछ दिनों से वे री-सेटलमेंट ट्रेनिंग के लिए जयपुर आए हुए थे। इसके बाद शुक्रवार को छुट्टी लेकर अपने माता-पिता से मिलने के लिए गांव आए थे। खाना खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबीयत शनिवार रात करीब साढ़े 9 बजे खाना खाने के कुछ देर बाद महेंद्र कुमार की अचानक सीने में तेज दर्द होने लगा। परिवार के लोग तत्काल उन्हें बाड़मेर जिला हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पार्थिव देह को हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। रविवार को परिजन और गांव के लोग हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी पहुंचे। सूचना मिलने पर जाट रेजिमेंट के जवान और अधिकारी भी हॉस्पिटल पहुंचे और घटना की जानकारी ली। परिजनों की रिपोर्ट पर पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पोस्टमॉर्टम करवाया। इसके बाद पार्थिव देह परिजनों को सौंप दी गई। हवलदार महेंद्र कुमार की पार्थिव देह आर्मी की गाड़ी से उनके पैतृक गांव पहुंचाई गई। यहां सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। महेंद्र कुमार का जनवरी 2027 में रिटायरमेंट था।