बयाना के चैनपुरा गांव में 10 साल पहले सरकारी जमीन पर कब्जे के विवाद में हुए खूनी संघर्ष के मामले में मंगलवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायालय क्रम संख्या-1 के न्यायाधीश प्रदीप कुमार ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोनों पक्षों के 13 आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सजा दी। 8 आरोपियों को 10-10 साल की सुनाई सजा अपर लोक अभियोजक महेंद्र भूषण शर्मा व परिवादी का अधिवक्ता लज्जाराम गुर्जर ने बताया-एक पक्ष के मुकुट गुर्जर, श्रीभान, वीरीसिंह, पुष्कर, लोकेंद्र, रघुपत, नटवर और संतोष सहित 8 आरोपियों को 10-10 साल की जेल और 40-40 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इन्हें आईपीसी की धारा 307 और 326 के तहत दोषी माना गया। 5 आरोपियों को 3-3 साल की जेल दूसरे पक्ष के विजय सिंह, धारा सिंह, वीरेंद्र, हंसराम और बच्चू सिंह को आईपीसी की धारा 324 के तहत दोषी ठहराया गया। इन्हें 3-3 साल की जेल और 5-5 हजार रुपए जुर्माने की सजा दी गई। विवाद में लाठी-डंडे, फरसे और फायरिंग भी हुई थी। जिसमें कई लोग घायल हुए थे।