ईडब्ल्यूएस (EWS) आरक्षण की कमियों को दूर करने और पात्रता नियमों को सरल बनाने की मांग को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी देर रात ढाई बजे बीदासर पहुंचे। उनके पहुंचने का निर्धारित समय शाम 8 बजे था, लेकिन देरी के बावजूद कस्बेवासियों और समर्थकों में उत्साह बना रहा। बीदासर पहुंचने पर भाटी का रोड शो निकाला गया। इस दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे सभा स्थल पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। ‘यह लड़ाई गरीब अनारक्षित लोगों के हक की है’ सभा को संबोधित करते हुए रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि अब लोकतांत्रिक तरीके से अपनी ताकत और संख्या दिखाने का समय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक विशेष वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि उन सभी गरीब अनारक्षित लोगों के अधिकारों की लड़ाई है, जिन्हें उनका हक नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इसे राजनीति से दूर एक वैचारिक आंदोलन बताया। दिल्ली तक आवाज पहुंचाने का आह्वान भाटी ने लोगों से आह्वान किया कि जब अपनी मांगों की आवाज दिल्ली तक पहुंचाने का समय आए, तो इतनी बड़ी संख्या में एकजुट होकर पहुंचें कि सरकार गरीबों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाने को मजबूर हो जाए। उन्होंने जल्द ही तीसरी यात्रा निकालने का ऐलान करने की बात कही। साथ ही, जरूरत पड़ने पर जयपुर और दिल्ली मार्च की रणनीति बनाने के संकेत भी दिए। EWS सरलीकरण के लिए उठाई जा रही हैं ये मांगें आंदोलन के तहत ईडब्ल्यूएस पात्रता से जुड़े भूमि और संपत्ति संबंधी नियमों की समीक्षा तथा केंद्र और राज्य के नियमों में एकरूपता लाने की मांग की जा रही है। इसके अलावा, ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र की वैधता तीन से बढ़ाकर पांच वर्ष करने, विवाहित बेटियों की आय की गणना को लेकर स्पष्ट नियम बनाने और सरकारी भर्तियों में आयु सीमा व आवेदन शुल्क में छूट देने की मांग भी शामिल है। पंचायती राज और नगरीय निकायों में प्रतिनिधित्व की मांग आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों को प्रतिनिधित्व देना भी शामिल है। आंदोलन के जरिए ईडब्ल्यूएस व्यवस्था की पात्रता संबंधी विसंगतियों को दूर करने और जरूरतमंद लोगों तक आरक्षण का लाभ पहुंचाने की मांग उठाई जा रही है।