BJP में मेयर पद के लिए हुई क्रॉस वोटिंग के लिए अब पार्टी के प्रत्याशी रहे सुरेंद्र सिंह शेखावत से इस बारे में जयपुर से दिल्ली तक रिपोर्ट मांगी गई है। बुधवार को शेखावत ने प्रदेश और राष्ट्रीय कार्यालय तक अपनी रिपोर्ट पहुंचा दी है, वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी शेखावत को जयपुर बुलाया है। भाजपा मेयर प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह शेखावत का कहना है कि मैंने किसी भी पार्षद की शिकायत नहीं की है। भास्कर से बातचीत में उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनसे रिपोर्ट मांगी थी, जिसे सौंप दिया गया है। इसमें किसी पार्षद विशेष के बारे में व्यक्तिगत शिकायत नहीं है। मैं संगठन के सभी पार्षदों के साथ मिलकर काम करना चाहता हूं। भाजपा में हुई थी क्रॉस वोटिंग दरअसल, 21 सितम्बर को मेयर पद चुनाव के लिए सुरेंद्र सिंह शेखावत को प्रत्याशी बनाया गया था। पार्टी के पास 27 पार्षद थे और मेयर बनने के लिए 14 पार्षदों की जरूरत थी। अपने पार्षदों पर भरोसा करते हुए शेखावत ने न सिर्फ निर्दलीय पार्षदों को साध लिया, बल्कि कांग्रेस के पार्षदों में भी सेंधमारी की। इसके लिए एक रणनीति तय की गई। भाजपा पार्षदों को जहां बाड़ेबंदी में रोका गया, भारी भरकम खर्च भी हुआ। इसके बाद भी शेखावत को महज 30 वोट मिले। वहीं डिप्टी मेयर चुनाव में पार्टी प्रत्याशी पंकज गहलोत को 40 वोट मिले। ऐसे में साफ हो गया कि भाजपा में क्रॉस वोटिंग मेयर चुनाव के समय हुई। पार्टी ने बताया था वोटिंग पैटर्न दरअसल, भाजपा पार्षदों और निर्दलीय पार्षदों को वोटिंग पैटर्न बताया गया था। जिसमें प्रत्येक पार्षद को ये निर्देश दिए गए थे कि वो वोटिंग के लिए मोहर किस जगह लगाएगा। उसी हिसाब से ये चैक किया गया कि मोहर वहां लगी है या नहीं? मतगणना एजेंट ने शेखावत को बता दिया कि किस किस पार्षद ने तय स्थान पर मोहर लगा दी है। अब जिनकी मोहर तय स्थान पर नहीं थी, उसका वोट नहीं पड़ा। इसी आधार पर पार्टी के पक्ष में वोटिंग नहीं करने वाले पार्षदों की रिर्पोट दी गई है। माना जा रहा है कि करीब दस पार्षदों ने भाजपा के बजाय कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग की। प्रदेशाध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री से भी मिले शेखावत ने पिछले दो दिन में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ से मुलाकात की। इसके अलावा संगठन महामंत्री अजय कुमार को भी रिपोर्ट दी है। निकाय चुनाव के लिए राजस्थान के प्रभारी बनाए गए अरुण द्विवेदी को भी दिल्ली में रिर्पोट दी गई है। इसके अलावा शेखावत ने केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल से मिलकर उन्हें भी पूरी स्थिति से अवगत कराया है। मेघवाल ने भी इस मेयर चुनाव में हुई गद्दारी को गंभीरता से लिया है। उधर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शेखावत को जयपुर बुलाया था लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। अब गुरुवार या शुक्रवार सुबह दोनों की मुलाकात हो सकती है।