बीकानेर नगर निगम में चुनाव खत्म होते ही भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ गया है। इसका असर शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। मंगलवार सुबह कांग्रेस पार्षदों ने बल्लभगार्डन के पास कचरा संग्रहण केंद्र से निकलने वाले कचरा उठाने वाले वाहनों को रोक दिया। ऐसे में आज भी शहर से कचरा नहीं उठ सका। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि टेंडर की शर्तें पूरी किए बिना ही निजी फर्म को काम शुरू करने की अनुमति दी गई है। कांग्रेस पार्षद सुबह बल्लभगार्डन के पास स्थित कचरा संग्रहण केंद्र पहुंचे। यहां से कचरा उठाने के लिए वाहन निकलते हैं। पार्षदों ने सभी वाहनों को मौके पर ही रोक दिया। बाद में इन सभी वाहनों को लेकर पार्षद कलेक्टरी पहुंच गए। जहां विरोध प्रदर्शन किया गया। कलेक्टर कार्यालय के ठीक बाहर सत्तर से ज्यादा कचरा वाहन खड़े कर दिए गए। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आ गया। डिप्टी मेयर पंकज गहलोत और भाजपा पार्षद भगवान सिंह मेड़तिया भी मौके पर पहुंचे और कांग्रेस पार्षदों को समझाने का प्रयास किया। डिप्टी मेयर ने कहा कि पहले पूरे शहर की सफाई करवाते हैं, इसके बाद कमिश्नर, जमादार और निजी फर्म के साथ मीटिंग करेंगे। इस आश्वासन के बाद कांग्रेस पार्षदों ने वाहनों को छोड़ दिया, जो शहर से कचरा उठाने के लिए रवाना हो गए। कांग्रेस पार्षदों का कहा है कि पिछले दिनों जितने वाहनों को मंजूरी दी गई थी, उतने वाहन मौके पर नहीं हैं। विरोध प्रदर्शन में पार्षद जावेद पड़िहार, नवरतन डागा, राहुल जादुसंगत, नंदलाल जावा, पवन कुमार, सुभाष स्वामी और पूर्व पार्षद आदर्श शर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्षदों का आरोप है कि कुछ चुनिंदा मोहल्लों में सफाई के लिए वाहन भेजे जा रहे हैं, जबकि शहर का अधिकांश हिस्सा कचरे से अटा पड़ा है। दूसरी ओर भाजपा पार्षद अपने-अपने क्षेत्रों में कचरा उठाने वाले वाहनों को बुलाने में जुटे हैं। दोनों दलों के बीच विवाद के चलते सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है। क्या है विवाद? बीकानेर में 2 अक्टूबर से एक निजी फर्म को शहरभर में कचरा उठाने का काम दिया गया है। फर्म को 200 वाहनों के साथ काम करना था, लेकिन अब तक वह करीब 70 वाहन ही उपलब्ध करा सकी है। इसी को लेकर नगर निगम मेयर अनिल कल्ला ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि फर्म टेंडर की महज 20 फीसदी शर्तें ही पूरी कर रही है, जबकि 80 फीसदी शर्तें अधूरी हैं। उनका कहना है कि ऐसे में नगर निगम क्षेत्र में फिर से टेंडर होना चाहिए। इसके विपरीत भाजपा पार्षद और डिप्टी मेयर पंकज गहलोत का कहना है कि सफाई का काम शुरू होना चाहिए। मेयर का चुनाव लड़ चुके सुरेंद्र सिंह शेखावत ने भी कहा कि मेयर शहर के सफाई अभियान को रोक नहीं सकते।