बूंदी के लाड़पुर में पिंगास बेवरेज की एथेनॉल फैक्ट्री से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में ग्रामीणों की दो दिवसीय पदयात्रा सोमवार को बूंदी कलेक्ट्रेट पहुंची। पूर्व सांसद रामनारायण मीणा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने अतिरिक्त जिला कलेक्टर रमेश देव को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया। इसमें प्रदूषण रोकने की मांग की गई। इस दौरान राजस्थान बीज निगम के पूर्व निदेशक चर्मेश शर्मा, उपभोक्ता अदालत के पूर्व सदस्य मुकेश दाधीच, लोकेश सुखवाल और समाजसेवी पुरुषोत्तम पारीक भी मौजूद रहे। इथेनॉल फैक्ट्री के विरोध में चल रहे ग्रामीणों के आंदोलन के तहत यह पदयात्रा रविवार को लाड़पुर से बूंदी के लिए शुरू हुई थी। पदयात्रा का रात में ठहराव तालेड़ा में हुआ। यह पदयात्रा लाड़पुर से भूमाखेड़ा, बड्डून्दा, ठीकरिया कला, जलोदी, तालेड़ा, गुमानपुरा, रामगंजबालाजी और देवपुरा होते हुए सोमवार दोपहर 2:30 बजे बूंदी कलेक्ट्रेट पहुंची। जिला कलेक्ट्रेट में पूर्व सांसद रामनारायण मीणा ने कहा कि इथेनॉल फैक्ट्री के प्रदूषण से ग्रामीणों को बहुत परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के 19 दिन के आंदोलन के बाद भी राज्य सरकार और प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई न होना ठीक नहीं है। पूर्व सांसद रामनारायण मीणा ने आरोप लगाया कि बूंदी प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी फैक्ट्री प्रबंधन से मिले हुए हैं, इसलिए इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि बूंदी जिले के बाहर के प्रदूषण बोर्ड के अधिकारियों और प्रशासन की एक स्पेशल टीम बनाकर मामले की जांच करवाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि फैक्ट्री के प्रदूषण से लाड़पुर और आसपास के इलाके में इंसानों के साथ पशु-पक्षियों का जीवन भी खतरे में आ गया है। लाड़पुर से बूंदी तक की इस पदयात्रा में लोकेश मीणा, धर्मेंद्र मीणा, कन्हैयालाल मीणा, जोनेश मीणा, चंद्रप्रकाश मीणा, गिरिराज मीणा, दिनेश मीणा, फुन्दीलाल मीणा, खुशीराम, मुकेश राठौर, अंकित, दीपक, नितेश, जरासंध, विराट, आशकरण, अनिल, रामभरोस, कुशाल, मनीष, चंद्रप्रकाश जांगिड़, सुरेंद्र, दिव्यांशु, अर्जुन, मुकेश मीणा, सोनू, विकास, नितेश और रणजीत शामिल रहे।