चूरू साइबर थाना पुलिस ने ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं में सब्सिडी दिलाने का झांसा देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाने और उन्हें साइबर ठगों को बेचने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार इन खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया जा रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जितेंद्र जैन (सुजानगढ़), अंकित जाट (उदनसर फतेहपुर) और कार्तिक जाट (मांडेला) के रूप में हुई है। एयरटेल बैंक प्रतिनिधि और एनजीओ से जुड़े होने का दिया परिचय मेघाराम लुहार की रिपोर्ट पर जांच शुरू हुई। पुलिस के मुताबिक जितेंद्र कुमार, अंकित और कार्तिक ने ग्रामीणों के सामने खुद को एयरटेल पेमेंट्स बैंक का प्रतिनिधि और एनजीओ से जुड़ा हुआ बताया। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को बकरी पालन, दुग्ध उत्पादन और सौर ऊर्जा जैसी सरकारी योजनाओं में सब्सिडी दिलाने का लालच दिया। ऑनलाइन केवाईसी से खुले खाते, खाताधारकों को नहीं मिले दस्तावेज आरोपियों ने ग्रामीणों की फोटो और ऑनलाइन केवाईसी के जरिए एयरटेल पेमेंट्स बैंक में खाते खुलवाए। पुलिस के अनुसार खाते खुलने के बाद संबंधित खाताधारकों को पासबुक या एटीएम कार्ड नहीं दिए गए। बाद में इन खातों को साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था। ठगी की रकम के लिए इस्तेमाल हो रहे थे खाते जांच में सामने आया कि इन बैंक खातों का इस्तेमाल ऑनलाइन साइबर ठगी से प्राप्त रकम को ट्रांसफर करने में किया जा रहा था। डीएसपी विजय कुमार मीणा के नेतृत्व में पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू की। फतेहपुर से सुजानगढ़ तक फैला नेटवर्क पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने फतेहपुर, छापर, सुजानगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों में कई लोगों से इस तरह धोखाधड़ी किए जाने की जानकारी दी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लिया है। अब गिरोह के अन्य सदस्यों और साइबर ठगों को बेचे गए बैंक खातों के संबंध में पूछताछ की जा रही है।