चूरू में विप्र समाज के विद्यार्थियों के लिए निःशुल्क ई-लाइब्रेरी का शुभारंभ किया गया। पं. द्वारिकाप्रसाद मिश्र आचार्य चाणक्य संस्थान समिति चूरू ने मिश्र स्मृति भवन में यह सुविधा शुरू की है। समारोह की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। मुख्य अतिथि विप्र रत्न बनवारीलाल सोती, गनेड़ी के संत निवृत्तिनाथ और विशिष्ट अतिथि सालासर बालाजी धाम के यशोनन्दन पुजारी ने फीता काटकर ई-लाइब्रेरी का उद्घाटन किया। अतिथियों का साफा, शॉल, दुपट्टा और सम्मान-पत्र भेंट कर स्वागत किया गया। इसके बाद ई-लाइब्रेरी को बनाने में सहयोग देने वाले भामाशाहों का सम्मान किया गया। भवन उपलब्ध कराने के लिए प्रमोद कुमार मिश्र, लक्ष्मीनिवास गुजरका और श्यामसुंदर शर्मा को सम्मानित किया गया। आर्थिक सहयोग देने वाले भामाशाहों मुरारीलाल चुलैट, नवरतन नवहाल, नरेंद्र लाटा, बंशीधर सारस्वत, नवीन कुमार शर्मा, अनुराग शर्मा, परमेश्वरलाल महर्षि, बालकृष्ण बावलिया, विजय कुमार शर्मा, चंदनमल सारस्वत, डॉ. महेश शर्मा, रामप्रसाद शर्मा (सात्यूं), सुंदरपाल उपाध्याय और महेंद्र कुमार चौबे का भी सम्मान किया गया। संत निवृत्तिनाथ ने कहा कि आज के समय में विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आधुनिक सुविधाएं और शांत माहौल मिलना जरूरी है। विप्र समाज के विद्यार्थियों के लिए शुरू की गई यह निःशुल्क ई-लाइब्रेरी उनके लिए एक सुनहरा अवसर है। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और अनुशासन से इसका लाभ उठाने को कहा। मुख्य अतिथि विप्र रत्न बनवारीलाल सोती ने ई-लाइब्रेरी की इस पहल की तारीफ की। उन्होंने इसे विद्यार्थियों और समाज के लिए दूरदर्शी और उपयोगी योजना बताया। सोती ने ई-लाइब्रेरी के लिए पांच लाख रुपए देने की घोषणा की। विशिष्ट अतिथि यशोनन्दन पुजारी ने कंप्यूटर व्यवस्था के लिए 50 हजार रुपए देने की घोषणा की। भामाशाह मुरारीलाल चुलैट ने कहा कि यह ई-लाइब्रेरी सिर्फ पढ़ाई की जगह नहीं है। यह विप्र समाज के विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, संस्कार, मार्गदर्शन और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का एक मजबूत केंद्र बनाने का प्रयास है। समिति अध्यक्ष बनवारीलाल शर्मा ने अतिथियों और समाजबंधुओं का स्वागत किया। योगेश गौड़, बालकृष्ण शर्मा, गौरीशंकर शर्मा, नरेंद्र शर्मा एडवोकेट, पुनीत लाटा, राजीव शर्मा और प्रमोद कुमार मिश्रा का इस समारोह में विशेष सहयोग रहा। संचालन रविप्रकाश दाधीच ने किया।