डूंगरपुर मेडिकल कॉलेज में बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जांच शिविर लगा। इसमें महिलाओं को हड्डियों की सेहत के प्रति जागरूक किया गया। मेनोपॉज के बाद हड्डियों का घनत्व कम होने से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ता है, समय पर जांच व देखभाल जरूरी है। यह शिविर एमसीएच विंग में स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका परमार के मार्गदर्शन में हुआ। डॉ. गुणवती मीणा, डॉ. सतीश श्रीमाली, डॉ. फरवा खुशनूद, डॉ. प्रफुल्ल बाला, डॉ. हर्षिता अहारी व स्टाफ शामिल थे। 'बीएमडी जांच से हड्डियों की मजबूती का चलता है पता' डॉक्टरों ने बताया कि मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन घटने से हड्डियों का घनत्व कम होता है, जिससे फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है। बीएमडी जांच से हड्डियों की मजबूती का पता चलता है, समय रहते उपचार संभव होता है। महिलाओं को स्वस्थ हड्डियों के लिए संतुलित आहार, कैल्शियम, विटामिन-डी और नियमित व्यायाम की सलाह दी गई। स्वस्थ जीवनशैली अपनाने व जरूरत पर डॉक्टर से सलाह लेने को कहा गया।