हनुमानगढ़ जंक्शन की न्यू सिविल लाइंस स्थित नगर परिषद के बेशकीमती भूखंड को कथित रूप से हड़पने, मृत व्यक्ति के जाली हस्ताक्षरों से फर्जी पत्रावली तैयार करने, सरकारी रिकॉर्ड से पुरानी आपत्तियां खुर्द-बुर्द करने और बिना निर्माण स्वीकृति के निर्माण कराने के आरोप में जंक्शन पुलिस थाने में मामला दर्ज हुआ है। परिवादी प्रहलाद (49) पुत्र रामनारायण निवासी वार्ड नंबर 16, लालगढ़ जाटान, श्रीगंगानगर की रिपोर्ट पर पुलिस ने बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की है। मामले में नेतराम पुत्र शेराराम निवासी मकान नंबर आई-22, न्यू सिविल लाइंस सहित अन्य संलिप्त लोगों पर आरोप लगाए गए हैं। नीलामी की शर्तें पूरी किए बिना निर्माण का आरोप परिवादी ने रिपोर्ट में बताया कि भूखंड संख्या आई-23 नगर परिषद की बेशकीमती संपत्ति है। आरोप है कि भूखंड की नीलामी प्रक्रिया की निर्धारित शर्तें विधिक रूप से पूरी नहीं हुईं और न ही कोई वैध विक्रय विलेख निष्पादित हुआ। इसके बावजूद नीलामी की शर्तों का उल्लंघन कर सक्षम प्राधिकारी से वैध निर्माण स्वीकृति लिए बिना भूखंड पर निर्माण कर लिया गया। मृत व्यक्ति के जाली हस्ताक्षरों से फर्जी पत्रावली बनाने का आरोप रिपोर्ट के अनुसार, नेतराम पर अपने भूखंड से सटे नगर परिषद के भूखंड आई-23 को हड़पने की नीयत से आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। परिवादी का दावा है कि मृत व्यक्ति के कूटरचित एवं जाली हस्ताक्षरों के आधार पर नगर परिषद में फर्जी पत्रावली तैयार करवाई गई। इसके बाद कथित फर्जी दस्तावेजों को वास्तविक बताकर सार्वजनिक भूमि पर अवैध अधिकार प्राप्त करने का प्रयास किया गया। पुरानी आपत्तियां और शिकायतें रिकॉर्ड से हटाने का दावा परिवादी के मुताबिक, भूखंड की नीलामी प्रक्रिया और कथित फर्जीवाड़े को लेकर नगर परिषद में लगातार लिखित आपत्तियां और शिकायतें दी जाती रही थीं। इस कारण तत्कालीन अधिकारियों, कर्मचारियों, शाखा प्रभारियों, आयुक्त और सभापति को पत्रावली में मौजूद आपत्तियों एवं विवाद की जानकारी थी। आरोप है कि कानूनी खामियों के चलते पूर्व में किसी तत्कालीन चेयरमैन या आयुक्त ने इस पत्रावली के आधार पर लीज डीड निष्पादित नहीं की और मामला लंबित रहा। परिवादी ने आरोप लगाया कि बाद में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों ने बाहरी लाभार्थियों के साथ मिलीभगत कर पत्रावली में दर्ज आपत्तियों, प्रतिकूल नोटिंग्स और पुरानी शिकायतों को सरकारी रिकॉर्ड से खुर्द-बुर्द कर दिया। कथित तौर पर पत्रावली को इस तरह तैयार किया गया कि वह विवादरहित दिखाई दे और भूखंड की लीज डीड की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके। दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां नहीं देने का आरोप परिवादी का कहना है कि संबंधित आधिकारिक कार्रवाई और पत्रावली के दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां मांगे जाने के बावजूद नगर परिषद कार्यालय ने कथित तौर पर ये प्रतियां उपलब्ध नहीं कराईं। परिवादी ने इसे रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार को छिपाने का प्रयास बताया है। मूल रिकॉर्ड जब्त करने और एफएसएल जांच की मांग परिवादी ने पुलिस से आरोपी नेतराम सहित कथित रूप से संलिप्त अधिकारियों और अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही भूखंड आई-23 की संपूर्ण मूल पत्रावली, पुराने डिस्पैच डायरी रजिस्टर और अन्य रिकॉर्ड जब्त करने, मृत व्यक्ति के नाम से किए गए कथित फर्जी हस्ताक्षरों की एफएसएल जांच कराने तथा हटाई गई आपत्तियों और शिकायतों की पड़ताल करने की मांग की है। इसके अलावा बिना निर्माण स्वीकृति किए गए निर्माण की जांच कर भूखंड को राजकीय कब्जे में लेने का भी आग्रह किया गया है। एसआई साहबराम को सौंपी जांच पुलिस ने परिवादी की रिपोर्ट पर बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच एसआई साहबराम को सौंपी है। रिपोर्ट में घटनाक्रम की अवधि वर्ष 1997 से 7 अक्टूबर 2026 के बीच बताई गई है। फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े दस्तावेजों और आरोपों की जांच करेगी। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।