जयपुर में एक बुजुर्ग दंपती को डिजिटल अरेस्ट कर 6 लाख रुपए ऐंठ लिए। बदमाशों ने दंपती को जेल भेजने के साथ ही प्रॉपर्टी सीज करने की धमकी देकर 7 दिन तक टॉर्चर किया। साथ ही बदमाशों ने रकम ऐंठने के बाद भी लगातार वीडियो कॉल के जरिए धमकाया। मानसरोवर थाने में पीड़ित बुजुर्ग ने शनिवार शाम रिपोर्ट दर्ज करवाई है। मानसरोवर थाने के SHO सतीश चंद ने बताया- मानसरोवर के रहने वाले 70 साल के व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वे और उनकी पत्नी शिक्षा विभाग से रिटायर्ड हैं। हम दोनों को बदमाशों ने डिजिटल अरेस्ट कर करीब 6 लाख रुपए ऐंठ लिए। उन्होंने बताया- 2 सितंबर की दोपहर करीब 1:30 बजे मेरे मोबाइल पर सुनीता शर्मा नाम की महिला ने कॉल किया। खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर कहा- आपके मोबाइल नंबर के खिलाफ एटीएस में शिकायत दर्ज हुई है। इसके बाद राष्ट्र विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की कहकर धमकाया। कहा- आप तुरंत कमिश्नरेट लालकोठी में आ जाएं। तब मैंने तबीयत खराब होने के कारण घर से बाहर नहीं निकलने के बारे में बताया। वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग से जोड़कर धमकाया पीड़ित ने पुलिस की शिकायत में बताया- इसके बाद महिला ने तुरंत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुझे जोड़ा। बात करने वाले ने खुद को एटीएस का सीनियर ऑफिसर प्रेम कुमार गौतम बताया। साथ ही जयपुर में घर से उठवाने और संपत्ति सीज करवाने को लेकर धमकी दी। साथ ही बच्चों को भी नुकसान पहुंचाने की धमकी दी। मुझे निगरानी में रखा जाने की कहकर धमकाते हुए कहा- अब आप दोनों के मोबाइल सर्विलांस पर लिए जा रहे हैं। आप दोनों अपना मोबाइल चालू रखना। वॉट्सएप पर दोनों पति-पत्नी के नाम के अरेस्ट और प्रॉपर्टी सीज के वांरट दिखाए। धमकी देकर ट्रांसफर करवाए रुपए पीड़ित ने बताया- बदमाशों ने मुझे कहा कि आपको प्रायोरिटी इन्वेस्टिगेशन पर रखा गया है। 4 सितंबर को सुबह चीफ साहब आपसे बात करेंगे। कहे अनुसार वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चीफ से बात करने पर उसने भी मुझे धमकाया। लगतार दो-तीन घंटे डिजिटल अरेस्ट रखकर बैंक अकाउंट और प्रॉपर्टी संबंधी जानकारी के बारे में पूछताछ की। जांच के बाद दोबारा 6 सितंबर को चीफ ने बात करने की कहकर मोबाइल चालू रखने के लिए कहा। ट्रांजेक्शन चार्ज आरबीआई में जमा कराने के लिए कहा बदमाशों ने मुझे 6 सितंबर को वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दोबारा जोड़ा। इसमें धमकी दी कि तुम्हारे बैंक अकाउंट में बड़े अमाउंट का ट्रांसफर हुआ था। राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से जुड़े एक मुल्जिम को पकड़ा, उसने भी आपका नाम लिया। धमकी देकर कहा- मुल्जिम ने ये भी बताया कि पैसे लेकर तुमने उनको जानकारी दी है। तुम्हारे बैंक अकाउंट में जो बड़ा अमाउंट आया है, उसका ट्रांजेक्शन का चार्ज आरबीआई को जमा कराना पड़ेगा। बैंक अकाउंट नंबर बताकर चार्ज के 6 लाख 3 हजार 300 रुपए जमा करवाने को कहा। डरे के मारे मैंने 7 सितंबर को बताए बैंक अकाउंट में रुपए ट्रांसफर करवा दिए। साइबर थाने में दी शिकायत पीड़ित ने बताया- रुपए जमा कराने के बाद 8 सितंबर को वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लगातार धमकी दी जा रही है। दबाव बनाकर उसी अकाउंट में रुपए जमा कराने के लिए धमकी दी डिजिटल अरेस्ट का शिकार होकर ठगी होने का पता चलने पर साइबर थाने में शिकायत दी। मानसरोवर थाना पुलिस ने जीरो नंबर एफआईआर पर शनिवार शाम को रिपोर्ट दर्ज की।