जयपुर में पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के 15 दिन बाद एक युवक की 5 अक्टूबर को मौत हो गई। 6 अक्टूबर को मृतक ऋतुराज लोहार (19) का एसएमएस अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान ऋतुराज के पिता प्रकाश ने बताया कि सिटी स्कैन में सामने आया है कि ऋतुराज की मौत सिर में चोट के कारण हुई है। उसकी सिर के अंदर ब्लीडिंग होने से वो कोमा में चला गया था। पिता प्रकाश ने कहा कि मेरे पर सोना ठगने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। पुलिस की मारपीट से मेरे बेटे की मौत हुई है। ऋतुराज लोहार मूल रूप से मनासा-मल्हारगढ़, मंदसौर (मध्यप्रदेश) का रहने वाला था। वह मंदसौर में वेल्डिंग का काम करता था। वहीं, दूसरी तरफ मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने मामले को गंभीर मानते हुए जयपुर पुलिस कमिश्नर, जयपुर जिला मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (मानवाधिकार) को रिपोर्ट पेश करने के निर्देश जारी किए हैं। सीसीटीवी फुटेज पेश करने के लिए कहा है।
क्या है मामला 17 सितंबर ऋतुराज लोहार का पिता प्रकाश दुबई से जयपुर एयरपोर्ट पहुंचा था। इस दौरान एयरपोर्ट से बाहर निकलने के बाद कुछ लोगों मनोज, लोकेंद्र और महेश और दो अन्य ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर प्रकाश के सामान की जांच की थी। इस दौरान प्रकाश का बेटा ऋतुराज लोहार भी एयरपोर्ट पर पिता को लेने पहुंचा था। तलाशी के लोगों लोगों को कुछ भी नहीं मिला। ये लोग प्रकाश और ऋतुराज को अपने साथ होटल ले गए थे। दोनों को बंधकर बनाकर रख लिया। 21 सितंबर को प्रकाश मौका देखकर भाग निकला। इसके बाद ऋतुराज के साथ मारपीट की गई। 22 सितंबर मारपीट करने वाले लोग ऋतुराज को थाने लेकर पहुंचे। थाने में तबियत बिगड़ने पर निजी हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। तबीयत बिगड़ने के बाद उसका एसएमएस अस्पताल में उपचार चल रहा था। सोमवार तड़के करीब 3:30 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बेटे का शव देखकर मां बेसुध, बोली- मेरा बेटा मर गया मंगलवार को मॉर्च्युरी में इकलौते बेटे का शव देखकर मां हेमा का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पति प्रकाश के कंधे पर सिर रखकर बिलखती रही। पति और अन्य लोगों ने संभाला। हेमा ने आरोप लगाया कि मुहाना थाना पुलिस ने मेरे बेटे के साथ मारपीट की थी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। हेमा का आरोप है कि पुलिस ने हमले जबरन पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया था। बाद में 10 लाख रुपए देकर मामले को रफा-दफा करवा दिया। पिता बोले- सोना लाने का आरोप झूठा ऋतुराज के पिता प्रकाश ने कहा- मुझ पर सोना लाने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है। निष्पक्ष जांच होने पर पूरी सच्चाई सामने आ जाएगी। प्रकाश ने आरोप लगाया- एयरपोर्ट पर कुछ लोग खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर मुझे अपने साथ ले गए थे। तलाशी भी ली, लेकिन कोई संदिग्ध सामान नहीं मिला। मनोज और अन्य लोग मुझे और बेटे ऋतुराज को होटल ले गए थे। होटल में बेटे के साथ मारपीट की गई और बाद में पुलिस ने भी मारपीट की। पुलिस की मारपीट से मेरे बेटे की मौत हुई है। मानवाधिकार आयोग ने ऋतुराज की मौत पर लिया संज्ञान मामले में राजस्थान राज्य मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए मुहाना थाने की संबंधित समय की CCTV फुटेज की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखने और सीलबंद स्थिति में आयोग के समक्ष पेश करने को कहा है। साथ ही घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट तत्काल आयोग को देने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने स्तर पर किसी आईपीएस स्तर के अधिकारी से मामले की समुचित एवं प्रभावी जांच करवाएं। जांच के बाद तैयार तथ्यात्मक रिपोर्ट भी आयोग के समक्ष तत्काल प्रस्तुत करनी होगी। आयोग ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अनुपालन रिपोर्ट और सुनवाई के लिए 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे पत्रावली आयोग के समक्ष पेश करने को कहा गया है। पुलिस का पक्ष- 22 लाख रुपए के सोने की ठगी से जुड़ा मामला मुहाना थाने के एसएचओ मुकेश खराड़िया ने बताया- पूरा मामला विदेश से सस्ता सोना लाने के नाम पर रुपए के लेनदेन से जुड़ा है। ऋतुराज के पिता प्रकाश के खिलाफ सोने की ठगी का मामला दर्ज था। ऋतुराज को मनोज 21 सितंबर को थाने लेकर आया था। अचानक तबीयत बिगड़ गई। डीएनटी संघर्ष समिति ने उठाए पुलिस कार्रवाई पर सवाल राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति के अध्यक्ष लालजी राइका ने मामले में पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस कस्टडी में होने वाली मौतों में घुमंतू और अर्द्धघुमंतू समाज के लोगों के मामले सामने आते रहे हैं। राइका ने कहा कि ऋतुराज भी गाड़िया लोहार समुदाय से था। घुमंतू समाज के युवाओं पर अक्सर संदेह किया जाता है। मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि पुलिसकर्मियों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि परिवार को न्याय नहीं मिला तो डीएनटी संघर्ष समिति की ओर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा। संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित और कथित थर्ड डिग्री टॉर्चर पर रोक लगनी चाहिए। ये भी पढ़ें… जयपुर-पुलिस हिरासत में युवक की तबीयत बिगड़ी, हॉस्पिटल में मौत:मां बोलीं-बेटे को मार डाला, SHO ने कहा-युवक के साथ होटल में मारपीट हुई थी जयपुर में पुलिस हिरासत में तबीयत बिगड़ने के 15 दिन बाद सोमवार तड़के 3.30 बजे युवक की मौत हो गई। 19 वर्षीय ऋतुराज मनासा-मल्हारगढ़, मंदसौर, मध्यप्रदेश का रहने वाला था। एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। मुहाना पुलिस ऋतुराज से 22 लाख के सोने की ठगी के मामले में पूछताछ के लिए लाई थी। (पूरी खबर पढ़ें)