झालावाड़ की एससी/एसटी कोर्ट की विशिष्ट जज सुनीता मीणा ने हत्या के मामले में आरोपी मोहनलाल बैरागी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। मोहनलाल राजपुरा, बकानी थाना क्षेत्र का रहने वाला है। अभियोजन पक्ष की ओर से विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी की। बाइक से निकले थे रामबाबू, रास्ते में घायल मिले विशिष्ट लोक अभियोजक महेश कुमार पाटीदार के अनुसार, मामले की रिपोर्ट 9 अप्रैल 2025 को दिन्याखेड़ी निवासी लोकश कुमार मीणा ने बकानी थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 8 अप्रैल की शाम करीब 6:30 बजे रामबाबू मीणा बाइक से घर से निकले थे। शाम करीब 7:21 बजे राजपुरा निवासी भेरू मेम्बर ने परिजनों को फोन कर सूचना दी कि रामबाबू छीतरलाल लोधा के बाड़े के सामने रास्ते में घायल अवस्था में पड़े हैं। सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे। वहां रामबाबू अचेत हालत में मिले। उनके सिर पर धारदार हथियार से गंभीर चोट लगी थी, जबकि पीठ और पैर पर भी गहरी चोटें थीं। शरीर से काफी खून बह रहा था। परिजन उन्हें इलाज के लिए झालावाड़ के एसआरजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रेम प्रसंग और रंजिश बनी हत्या की वजह पुलिस की जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग और कथित अवैध संबंधों को लेकर चल रही रंजिश के चलते मोहनलाल ने रामबाबू पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में गंभीर रूप से घायल रामबाबू की मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या के साथ एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। 23 गवाह और 44 दस्तावेज कोर्ट में पेश जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी मोहनलाल के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष में 23 गवाहों के बयान और 44 दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए। अभियोजन की ओर से पेश किए गए साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर कोर्ट ने मोहनलाल बैरागी को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास के साथ एक लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई।