झालावाड़ पीजी कॉलेज में शनिवार को ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ पर कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें युवाओं को नवाचार, उद्यमिता और सामाजिक सेवा से जोड़ने के साथ सामाजिक समस्याओं के समाधान के लिए नए आइडिया विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यशाला में 60 छात्रों ने भाग लिया। ‘विकसित भारत’ में युवाओं की अहम भूमिका प्रिंसिपल प्रो. रामकल्याण मीणा ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम है। युवाओं के नवाचार और सेवा भाव से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। चैलेंज की थीम और पंजीकरण प्रक्रिया समझाई आई-स्टार्ट के नोडल अधिकारी प्रो. अजय कुमार गुप्ता ने ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज’ की थीम और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों को सामाजिक समस्याओं को पहचानकर उनके व्यावहारिक समाधान के लिए नवाचार विकसित करने के लिए प्रेरित किया। स्टार्टअप के उदाहरण देकर छात्रों की जिज्ञासा शांत की डोमेन एक्सपर्ट मोहम्मद शाहरुख भाटी ने स्टार्टअप और इनोवेशन से जुड़े उदाहरण साझा किए। उन्होंने छात्रों के सवालों के जवाब देते हुए नवाचार के जरिए नए अवसर तलाशने के बारे में जानकारी दी। 60 छात्रों ने लिया हिस्सा कार्यशाला में प्रो. मुनेश मीणा, प्रो. जगदीश मीणा, प्रो. हवासिंह गुर्जर, सूचना सहायक इंद्र कुमार मीणा और विशाल मीणा सहित कॉलेज के 60 छात्र शामिल हुए। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।