उत्तर पश्चिम रेलवे के महाप्रबंधक (जीएम) पंकज शर्मा शुक्रवार को जोधपुर पहुंचे। उन्होंने जोधपुर रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया। शर्मा ने कहा कि स्टेशन के रिनोवेशन के लिए 32 माह का समय तय किया गया है लेकिन हमारी कोशिश है कि इसे तय समय में पूरा किया जाए। इसके साथ ही उन्होंने पहले स्टेशन के निर्माण कार्य में लगी फर्म को टर्मिनेट करने की कार्रवाई को सही बताया। स्टेशन के निरीक्षण के बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कि स्टेशन डेवलपमेंट का तो यहां काफी बड़ा प्रोजेक्ट है और जोधपुर स्टेशन को भारतीय रेल के सबसे सुंदर स्टेशनों में से एक बनाया जाएगा। पहले इस कॉन्ट्रैक्ट में जो एजेंसी वह तय समय में काम नहीं पा रही थी, इसलिए उसे टर्मिनेट करना पड़ा। अब टेंड ओपन हो गया है। हमारा प्रयास रहेगा कि इसको जल्दी से जल्दी फाइनलाइज किया जाए। स्टेशन का काम जिस जगह पे छूटा है वहाँ से शुरुआत करके और तेजी से इसको पूरा किया जाए। स्टेशन न केवल सुंदर होगा यात्रियों की सुविधाओं का इसमें बहुत ही बारीकी से उसके हिसाब से डिजाइन किया गया है। स्टेशन को यूजर फ्रेंडली बनाया जाएगा। सभी प्रयास विफल रहे तो किया कॉन्ट्रेक्ट टर्मिनेट वहीं, फर्म के टर्मिनेशन की कार्रवाई और रेलवे के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के सवाल का जवाब देते हुए शर्मा ने कहा - ये कॉन्ट्रैक्ट ईपीएस मोड होता है। इसमें दोनों पक्षों के टारगेट तय होते हैं। इसकी पूरी निगरानी होती है। कार्य की प्रोग्रेस की निगरनी होती है। तय समय में कोई भी पार्टी नहीं कर पा रही है, चाहे रेलवे हो या एजेंसी होतो उस पे बहुत ही कड़ी पेनल्टी का प्रावधान है। यह वैश्विक स्तर पर मान्य स्टेडर्ड होता है। उसमें पहला प्रयास ये रहता है कि कार्य को जल्दी और एक अच्छी क्वालिटी के साथ पूरा किया जाए। काम करने वाली फर्म को कोई दिक्कत हो रही हो तो वो दूर की जाए। कॉन्ट्रेक्ट टर्मिनेशन करने का स्टेप अंतिम होता है। हमारी तरफ से सारे प्रयास जो किए गए, वो असफल हो गए तो कॉन्ट्रेक्ट टर्मिनेट किया गया। अब स्टेशन का डेवलपमेंट को 32 माह में पूरा करने का टारगेट है। रेलवे की कोशिश रहेगी कि इसे तय समय से पहले पूरा किया जाए। महाप्रबंधक पंकज शर्मा के स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीआरएम अनुराग त्रिपाठी सहित अन्य रेलवे अधिकारी भी मौजूद रहे। इस दौरान स्टेशन पर स्वच्छता का संदेश देने वाले नुकड़ नाटक का भी आयोजन किया गया। स्टेशन के बाद वे भगत की कोठी में हम वंदे भारत ट्रेन के मेंटेनेंस के डिपो पहुंचे और उसका निरीक्षण किया। 474 करोड़ रुपए की लागत जोधपुर रेलवे स्टेशन का 474 करोड़ रुपए की लागत से पुनर्विकास कार्य किया जा रहा है। इसके तहत स्टेशन की संरचना और सुविधाओं में ऐतिहासिक बदलाव किए जा रहे हैं। यह परियोजना न केवल यात्रियों के लिए सुविधाजनक होगी बल्कि आने वाले 50 सालों की जरूरतों को भी ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। हर दिन लगभग 92,000 यात्रियों की क्षमता को ध्यान में रखते हुए स्टेशन को मॉडर्न सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।