करौली में नगर निकाय चुनाव के बीच भाजपा और कांग्रेस ने एक-दूसरे के खिलाफ चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप लगाए हैं। भाजपा प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं ने कुछ प्रत्याशियों पर दबाव बनाने, स्टांप और खाली चेक लिए जाने तथा संभावित विजयी प्रत्याशियों को कथित रूप से अपने साथ ले जाने की शिकायत करते हुए एडीएम को ज्ञापन सौंपा। वहीं कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए समर्थित प्रत्याशियों और उनके परिजनों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों ने निर्वाचन प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाने और शिकायतों की जांच की मांग की है। भाजपा ने लगाए दबाव के आरोप भाजपा की ओर से दिए गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कुछ पार्षद प्रत्याशियों से दबावपूर्वक हस्ताक्षरित स्टांप, खाली चेक और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज लिए गए हैं। प्रत्याशियों और उनके परिजनों को कथित रूप से डराने-धमकाने की शिकायत भी की गई। भाजपा ने आरोप लगाया कि संभावित रूप से विजयी होने वाले कुछ प्रत्याशियों को कथित तौर पर जबरन अपने साथ ले जाकर जिले से बाहर रखने और उनके मोबाइल फोन अपने पास रखने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी ने सभी प्रत्याशियों की स्वतंत्र और सुरक्षित स्थिति का सत्यापन कराने की मांग की। मतगणना तक सुरक्षा की मांग भाजपा ने मतगणना और सभापति चुनाव तक निर्वाचित पार्षदों को किसी भी प्रकार के दबाव, भय, प्रलोभन या राजनीतिक प्रभाव से मुक्त रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था की मांग की। शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई। कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन पर उठाए सवाल कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग के नाम एडीएम को सौंपे ज्ञापन में पुलिस प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार कुछ स्थानों पर सिविल ड्रेस में पुलिसकर्मियों द्वारा कांग्रेस समर्थित पार्षद प्रत्याशियों और उनके परिजनों पर दबाव बनाने, डराने-धमकाने तथा कथित रूप से जबरन साथ ले जाने की शिकायतें सामने आई हैं। रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग कांग्रेस ने संबंधित क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, पुलिस वाहनों के जीपीएस रिकॉर्ड, लॉगबुक, ड्यूटी चार्ट, प्रत्याशियों से संबंधित कार्रवाई के रिकॉर्ड और मतदान केंद्रवार टर्नआउट रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग की। साथ ही सभापति और उपसभापति चुनाव में बाहरी राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने की मांग की गई। दोनों पक्षों ने निष्पक्ष जांच मांगी कांग्रेस का ज्ञापन जिला अध्यक्ष एवं विधायक घनश्याम महर, सांसद भजनलाल जाटव और पूर्व विधायक लाखन सिंह मीना की अगुवाई में सौंपा गया। इस दौरान भूपेंद्र भारद्वाज, सुनील सैनी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। भाजपा प्रत्याशियों और कार्यकर्ताओं ने भी एडीएम को ज्ञापन सौंपकर अपनी शिकायतें रखीं। दोनों पक्षों ने निर्वाचन प्रक्रिया को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण बनाए रखने की मांग की है।