खाद सहित किसानों की मांगों के स्थायी समाधान की मांग को लेकर किसान नेता नरेश मीणा का आमरण अनशन आठवें दिन भी जारी है। 2 अक्टूबर को बारां कलेक्ट्रेट पर अनशन शुरू करने के बाद प्रशासन से बातचीत विफल होने पर उन्होंने बारां से जयपुर तक नंगे पैर पदयात्रा शुरू की थी। शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर पुलिस द्वारा रोके जाने और कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन के बाद जयपुर कूच स्थगित कर दिया गया। इसके बाद नरेश मीणा नयागांव लौटकर फिर अनशन पर बैठ गए। नंगे पैर पदयात्रा के दौरान हाथ ठेले पर बैठाया नरेश मीणा ने किसानों की समस्याओं को लेकर बारां से जयपुर तक पदयात्रा शुरू की थी। इस दौरान समर्थकों ने उन्हें हाथ ठेले पर बैठाकर यात्रा जारी रखी। जयपुर कूच के दौरान शिवदासपुरा टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के आश्वासन पर जयपुर जाने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया। डीएपी-यूरिया से लेकर सिंचाई तक की मांगें नरेश मीणा की प्रमुख मांगों में किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीएपी और यूरिया उपलब्ध कराना, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाना, सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली देना और नहरों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना शामिल है। किसानों का कहना है कि इन समस्याओं का स्थायी समाधान होना जरूरी है। धरना स्थल पर जुट रहे किसान नरेश मीणा ने स्पष्ट किया है कि किसानों की सभी मांगों का स्थायी समाधान होने तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। नयागांव स्थित धरना स्थल पर किसानों और समर्थकों की भीड़ जुट रही है। अब सभी की निगाहें प्रशासन और सरकार की ओर से मांगों के समाधान को लेकर होने वाली अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।