नवरात्र के लिए घर सजाए जा रहे हैं, कलश स्थापना की तैयारी है... देवी की आराधना होगी, लेकिन जिन लोगों ने नया मकान बनवाया या खरीदा है, उनके लिए इस बार एक अजीब संयोग सामने आया है। अक्टूबर में गृह प्रवेश के लिए एक भी मान्य शुभ मुहूर्त नहीं है। इसकी वजह नवरात्र के बीच शुक्र तारा अस्त होना है। शारदीय नवरात्र 11 से 19 अक्टूबर तक रहेंगे और 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। ज्योतिषियों के अनुसार 16 अक्टूबर को शुक्र पश्चिम दिशा में अस्त होगा। इसके साथ शुक्र के वृद्धत्व दोष की अवधि शुरू मानी जाएगी। शुक्र करीब एक पखवाड़े बाद 30 अक्टूबर को पूर्व दिशा में उदय होगा। ज्योतिषाचार्य जोशी के अनुसार शारदीय नवरात्र में शुक्र तारा अस्त होने का ऐसा संयोग करीब चार साल बाद बन रहा है। इससे पहले वर्ष 2022 में नवरात्र के दौरान शुक्र अस्त हुआ था। उस वर्ष नवरात्र 26 सितंबर से शुरू हुए थे और 1 अक्टूबर को शुक्र अस्त हुआ था। जिन परिवारों ने अक्टूबर में गृह प्रवेश का आयोजन बनाया था, उन्हें जनवरी तक इंतजार करना पड़ सकता है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि सिंहस्थ बृहस्पति होने के कारण 24 जनवरी के बाद ही गृह प्रवेश आदि शुभ कार्य हो सकेंगे। शुक्र के उदय के बाद गृह प्रवेश के शुभ मुहूर्त फिर उपलब्ध होंगे। हालांकि अंतिम मुहूर्त स्थान, तिथि, लग्न और परिवार की परंपरा के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। जोशी ने बताया कि शुक्र अस्त होने के साथ मौसम में बदलाव की संभावना रहती है। ज्योतिषाचार्य पंडित सुनील जोशी के अनुसार शुक्र के अस्त होने का असर नवरात्र की देवी आराधना पर नहीं पड़ेगा। 11 अक्टूबर रविवार को दोपहर में अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना की जाएगी। दोपहर 11:51 से 12:37 बजे तक का समय श्रेष्ठ रहेगा। नवरात्र में घटस्थापना, पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान किए जा सकेंगे। लेकिन परंपरागत मुहूर्त विचार में शुक्र अस्त रहने के दौरान गृह प्रवेश, नया व्यापार शुरू करने, सगाई और वाहन खरीद जैसे मांगलिक कार्य टालने की परंपरा है। ऐसे में नए घर में प्रवेश की तैयारी कर रहे परिवारों को इंतजार करना होगा। 20 अक्टूबर को विजयादशमी है। इस दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इसलिए कई शुभ कार्य बिना अलग से मुहूर्त निकलवाए किए जा सकते हैं। गृह प्रवेश जैसे संस्कारों के लिए परिवार की परंपरा और स्थानीय पंचांग के अनुसार ज्योतिषीय सलाह लेना उचित रहेगा।