रुपनगढ़ थाना क्षेत्र में निर्माण स्थल पर रखे पाइप को पिकअप में भरकर ले जाने का मामला सामने आया है। बासड़ा गांव में पाइप लाइन बिछाने की साइट पर हुई इस घटना में कर्मचारियों की नजर पड़ने के बाद संदिग्धों को ग्रामीणों की मदद से रोक लिया गया। पुलिस को सूचना दी गई। मामले में कंपनी की ओर से चार नामजद लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बासड़ा गांव में पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा मामला 4 अक्टूबर की रात करीब 11.30 बजे का है। बासड़ा गांव में आरपीपी-बीसीसी (जेवी) कंपनी की साइट पर पाइप लाइन बिछाने का काम चल रहा था। इसी दौरान साइट पर रखे 90 एमएम एचडीपीई पाइप का करीब 250 मीटर लंबा रोल, जिसकी कीमत करीब 58 हजार रुपए बताई गई है, कथित रूप से पिकअप वाहन में लादा गया। शिकायत के मुताबिक पाइप को जेसीबी की मदद से पिकअप में भरकर ले जाया जा रहा था। साइट पर पाइप की निगरानी कर रहे कर्मचारियों राकेश और संजय को जब इसकी भनक लगी तो उन्होंने पिकअप को रोकने का प्रयास किया। कंपनी के राकेश बाना (23) पुत्र हनुमान बाना ने पुलिस को इस संबंध में शिकायत दी है। उन्होंने शिकायत में बताया कि वह रसूलपुरा का रहने वाला है और उनकी कंपनी आरपीपी-बीसीसी को सिलोरा और अरांई इलाके के 250 गांवों में पाइप बिछाने का वर्क ऑर्डर मिला हुआ है। वर्तमान में कंपनी की साइट बासड़ा में चल रही है। वहां बदमाशों ने वाहन लेकर भागने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीणों की मदद से उसे रोक लिया गया और पुलिस को सूचना दी गई। थल, सुरसुरा और किशनगढ़ रीको क्षेत्र में पाइप चारी हुए शिकायतकर्ता राजेश बाना ने रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि इसी तरह पूर्व में थल, सुरसुरा और किशनगढ़ रीको क्षेत्र से भी पाइप चोरी किए गए हैं। रिपोर्ट में किशनगढ़ रीको से करीब 150 पाइप, सुरसुरा से 10-15 एचडीपीई पाइप और थल से करीब 50 पाइप चोरी होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार इनकी अनुमानित कीमत 20 से 25 लाख रुपए तक बताई गई है। रुपनगढ़ थाने में दर्ज रिपोर्ट में संजय लोरा, जयराम चौधरी, हरीश डूडी और शिम्भुराम को नामजद किया गया है। रिपोर्ट में पिकअप में पाइप भरने वाले श्यामलाल व उसके साथी का भी उल्लेख है। पुलिस ने मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच की जिम्मेदारी मुख्य आरक्षी प्रेमसुख को सौंपी गई है।