सपोटरा में रूपलाल बैरवा हत्याकांड को लेकर चल रहा धरना शनिवार को तीसरे दिन खत्म हो गया। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच मांगों पर सहमति बनी। समझौते के तहत, पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए होमगार्ड तैनात होंगे। परिवार को सरकारी फंड से 8 लाख रुपए की मदद मिलेगी। पूर्व मंत्री रमेश मीणा और उनके समर्थकों ने भी 5 लाख रुपए देने पर सहमति दी है। परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। आरोपियों के खिलाफ 20 दिन में कोर्ट में चालान पेश करने का आश्वासन भी मिला है। रेती की झोपड़ी निवासी रूपलाल बैरवा पर 26 सितंबर को हमला हुआ था। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। परिजन और ग्रामीण आरोपियों पर कार्रवाई और परिवार को मदद की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। एसडीएम अनूप सिंह और डीएसपी दौलतराम समेत अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर आंदोलन समाप्त कराया।