निगम चुनाव के नतीजों से पहले कांग्रेस ने जीतने वाले पार्षदों को संभालने और बोर्ड बनाने की रणनीति तैयार कर ली है। शहर कांग्रेस सभी 149 प्रत्याशियों को मतगणना केंद्रों पर भेजने के बजाय सिर्फ भरोसेमंद और वफादार प्रत्याशियों को भेजेगी। बाकी के एजेंट मतगणना केंद्रों पर रहेंगे। रविवार रात हुई बैठक में कांग्रेस के 149 प्रत्याशियों के साथ शहर के विधानसभा क्षेत्रों के विधायक और प्रत्याशी भी शामिल हुए। नतीजे आते ही जीतने वाले पार्षदों को तय रिजॉर्ट में शिफ्ट किया जाएगा। रिजॉर्ट की लोकेशन आज दोपहर 2 बजे पार्षदों को भेजी जाएगी। इसके लिए अलग कमेटी बनाई गई है, जो मतगणना केंद्रों से जीतने वाले पार्षदों को रिजॉर्ट पहुंचाएगी। सर्टिफिकेट मिलते ही ‘शिफ्टिंग’ करेंगे जिन प्रत्याशियों पर पार्टी को पूरा भरोसा है, उन्हें ही मतगणना केंद्रों पर रहने को कहा जाएगा। अन्य प्रत्याशियों के एजेंट मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। परिणाम घोषित होने के बाद पार्टी की कमेटी अलग-अलग केंद्रों से जीतने वाले पार्षदों को सीधे रिजॉर्ट ले जाएगी। पार्षदों के मोबाइल बंद कराने की भी तैयारी है, ताकि बाहरी संपर्क और संभावित राजनीतिक दबाव सीमित रखा जा सके। मेयर के लिए 2 बार का पार्षद व अनुभव जरूरी बैठक में मेयर के चेहरे पर भी मंथन हुआ। ऐसे पार्षद को प्राथमिकता देने पर चर्चा हुई, जिसे कम से कम दो बार पार्षद रहने का अनुभव हो और जो सभी पार्षदों को साथ लेकर चल सके। आर्थिक रूप से मजबूत होना भी महत्वपूर्ण फैक्टर माना गया, ताकि बोर्ड गठन के दौरान राजनीतिक प्रबंधन में परेशानी न आए। निर्दलीयों पर भी कांग्रेस की नजर है। पार्टी का अनुमान है कि बोर्ड बनेगा। इसलिए पार्षदों को एकजुट और मेयर के चेहरे पर मंथन शुरू हो गया है।