परिवहन विभाग ने हाइवे पर वाहनों के दस्तावेजों की जांच के लिए लागू ई-डिटेक्शन प्रणाली को लेकर सख्ती शुरू कर दी है। अब राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों के जरूरी दस्तावेजों की इलेक्ट्रॉनिक जांच होगी। वाहन का फिटनेस प्रमाणपत्र, इंश्योरेंस, पीयूसी सहित जरूरी दस्तावेज वैध नहीं पाए जाने पर सिस्टम ई-चालान जनरेट करेगा। परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त की ओर से जारी पत्र के अनुसार ई-डिटेक्शन से जारी ई-चालानों की जांच और सुनवाई के लिए परिवहन अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। विभाग के अनुसार यह व्यवस्था जुलाई में शुरू की गई थी। प्रारंभिक चरण में ट्रायल के बाद अब इसे प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है और ई-चालान बनने भी शुरू हो गए हैं। गलत चालान पर दर्ज कराएं ऑनलाइन आपत्ति यदि वाहन का चालान गलत बन गया है या चालान जारी होने के समय संबंधित दस्तावेज वैध थे, तो वाहन मालिक अपना पक्ष रख सकता है। इसके लिए नेक्स्ट जेन ई-चालान पोर्टल पर जरूरी सबूतों के साथ ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करानी होगी। विभाग द्वारा नामित जीआरओ (परिवेदना निस्तारण अधिकारी) पोर्टल पर ही आपत्ति का निस्तारण करेंगे। विभाग के अनुसार आपत्ति का निस्तारण 30 दिन के भीतर किया जाएगा। उधर, एआरटीओ बीकानेर संजीव चौधरी ने बताया कि हाइवे पर ई-डिटेक्शन प्रणाली से चालान बनने शुरू हो गए हैं। वाहन मालिक चालान में आपत्ति होने पर नेक्स्ट जेन ई-चालान पोर्टल पर मय सबूत ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। इसका निस्तारण जीआरओ 30 दिन में पोर्टल पर ही करेंगे।